वायु प्रदूषण के लाल घेरे में मुरादाबाद टॉप पर, एक्यूआई में सुधार नहीं

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। वायु प्रदूषण ने मुरादाबाद के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। धूप खिलने और सामान्य हवा के बाद भी शहर की एक्यूआई में सुधार नहीं हो पा रहा है। पश्चिमी यूपी की हवा खराब होती जा रही है। वायु प्रदूषण के मामले में मुरादाबाद ने दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया …

मुरादाबाद, अमृत विचार। वायु प्रदूषण ने मुरादाबाद के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। धूप खिलने और सामान्य हवा के बाद भी शहर की एक्यूआई में सुधार नहीं हो पा रहा है। पश्चिमी यूपी की हवा खराब होती जा रही है। वायु प्रदूषण के मामले में मुरादाबाद ने दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है। यह शहर वायु प्रदूषण लाल घेरे में टॉप पर बना हुआ है।


तापमान सामान्य रहने और धूप की गुणवत्ता से लोग दिन भर प्रसन्न रहे लेकिन, शाम होते ही ठंड की तेजी ने लोगों को कंपा दिया। धूप के बादजूद लोगों को पर्यावरण की सफाई नहीं मिली। यानी की धूल कोहरा और वातावरण के गंदा दिखने की वजह से लोगों को दूर के दृश्य देखने में दिक्कत का अनुभव हुआ। जबकि शहर में सफाई के दावे हर दिन की तरह बेदम दिखे। भारी वाहनों का शहर में बेरोकटोक आना-जाना जारी रहा।


दिल्ली रोड, संभल मार्ग, रामपुर दोराहा और करूला क्षेत्र में कूड़ा धू-धूकर जला। गंदा नाला के दोनों ओर लेागों को प्रदूषण और दुर्गंध ने परेशान किया। लाइनपार, आदर्श नगर कालोनी और जामा मस्जिद क्षेत्र में कूड़ा जलाने और रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी से सीमेंट उतरने के दौरान धूल उड़ने की शिकायत का प्रदूषध नियंत्रण विभाग ने संज्ञान नहीं लिया।


पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्र ने बताया कि नगर निगम से लेकर सभी जिम्मेदारों एजेंसियों को इस मुद्दे पर पत्र भेजा गया है। नगर निगम का कहना है कि हवा को साफ बनाने के लिए पेड़ों पर कृत्रिम वर्षा करायी जा रही है। लोग वाहनजनित प्रदूषण को लेकर गंभीर नहीं है। यह चिंता की बात है।

समुद्री हवाओं से बढ़ेगा ठंड का प्रकोप
ठंड ने रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह धूप निकलने के बाद से लोगों को थोड़ी राहत तो मिल रही है लेकिन रात में तीखे ठंड का असर मालूम होने लगा है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक राजस्थान से आ रही पश्चिमी ठंडी हवाएं और पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण चल रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में लगातार घटता जा रहा है। जिस वजह से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

समुद्र से निकालने वाली हवाएं( ला नीना)
मौसम वैज्ञानिक डा.आरके सिंह का कहना है कि समुद्र से निकले वाली ठंडी हवाओं को ला नीना कहा जाता है। इन हवाओं के कारण बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार ठंड का असर अधिक होनी की संभावना है। जिस वजह प्रशांत महासागर में पानी ठंडा होने से जुड़ी एक प्राकृतिक घटना है। पूर्वी प्रशांत महासागर क्षेत्र के सतह पर निम्न हवा का दबाव होने पर यह स्थिति पैदा होने की वजह से समुद्री सतह का तापमान काफी नीचे चला जाता है, जिस वजह से सीधा असर देश के कौने कौने में होता है।

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