सरकार आयुर्वेद को आगे बढ़ाए पर खिचड़ी तंत्र न बनाए: आईएमए
बरेली, अमृत विचार। केंद्र सरकार द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति दिए जाने का आईएमए ने विरोध किया है। आईएमए के पदाधिकारियों के मुताबिक, आयुर्वेद चिकित्सा की सबसे प्राचीन पद्धति है। सरकार को इसे आगे बढ़ाना चाहिए न कि खिचड़ी तंत्र बनाकर चिकित्सा क्षेत्र को धूमिल करना चाहिए। शुक्रवार को आईएमए सभागार में एक …
बरेली, अमृत विचार। केंद्र सरकार द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति दिए जाने का आईएमए ने विरोध किया है। आईएमए के पदाधिकारियों के मुताबिक, आयुर्वेद चिकित्सा की सबसे प्राचीन पद्धति है। सरकार को इसे आगे बढ़ाना चाहिए न कि खिचड़ी तंत्र बनाकर चिकित्सा क्षेत्र को धूमिल करना चाहिए।
शुक्रवार को आईएमए सभागार में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें आईएमए अध्यक्ष डा. मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एक गुणवत्तापूर्वक शिक्षा होती है जिसमें चिकित्सक को अच्छा हुनर दिया जाता है एवं हर छोटी से छोटी विद्या को विज्ञान समस्त तरीके से विकसित की जाती है। आधुनिक मेडिसिन पूरी तरह से रिसर्च पर आधारित विद्या है। इसमें हर मर्ज़ का इलाज़ आधुनिक तरीके से किया जाता है। यह विद्या हर महामारी के नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाती है। देश में कोई नयी दवा आनी हो या नयी तकनीक विकसित करनी हो या फिर बीमारी को रोकने के लिए वैक्सीन तैयार करनी हो, आधुनिक मेडिसिन के रिसर्च से ही संभव हो पाता है।
वहीं, सचिव डा. अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इसी तरीके से इंडियन मेडिसिन को देश में वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जा सकता है। आधुनिक मेडिसिन में खिचड़ी तंत्र लाने से पूरी विद्या का ह्रास होगा और भविष्य में उच्चस्तरीय इलाज़ मिलने में बहुत कठिनाई होगी।
इस दौरान आईएमए के उपाध्यक्ष डा. राजीव गोयल ने कहा कि भारतीय चिकित्सक पूरे विश्व में श्रेष्ठ चिकित्सक साबित हुए हैं। विदेशों में 60% चिकित्सक भारतीय हैं। हमारी भारत सरकार से मांग है कि आधुनिक मेडिसिन के चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्वक प्रणाली लागू हो। हमें डाक्टरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना है ताकि अच्छी गुणवत्ता वाले चिकित्सक बनें।
बताया कि इस सम्बन्ध में अपना विरोध जताने के लिए आईएमए के सभी चिकित्सक एकजुट होकर 8 दिसम्बर को देशव्यापी 2 घंटे का सांकेतिक आंदोलन करेंगे और 11 दिसम्बर से आवश्यक और कोविड सेवाओं को पूरे देश में बंद रखेंगे।
इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल, सचिव डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष डॉ. गौरव गर्ग, उपाध्यक्ष डा. राजीव गोयल, डॉ. अजय भारती, डॉ. धर्मेंद्र नाथ, डॉ. विमल भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
आयुर्वेद का विकास जरूरी
आईएमए के पदाधिकारियों ने आयुर्वेद के विकास पर जोर दिया। कहा कि योग की तरह हम आयुर्वेद पद्धति के माध्यम से पूरे विश्व में अपना दबदबा कायम कर सकते हैं। कहा कि जैसे एलोपैथिक पद्धति में कान, नाक, गला और आंख के चिकित्सक अलग होते हैं लेकिन इस नए नियम से आयुर्वेदाचार्य सभी का आपरेशन कर सकेंगे जो कि मरीज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। कहा कि जरूरत है कि सरकार आयुर्वेद में शोध करवाए, आयुर्वेद की किताबों का अध्ययन किया जाए और उस दिशा में आगे बढ़ा जाए।
