पश्चिम बंगाल: टीएमसी-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बमबारी, सात घायल, कई घरों में तोड़फोड़

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बराबानी। पश्चिम बंगाल के पश्चिम वर्धमान जिले में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के दौरान कुछ लोग घायल हो गए जबकि कुछ घरों में भी तोड़फोड़ की गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर बम फेंके और …

बराबानी। पश्चिम बंगाल के पश्चिम वर्धमान जिले में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के दौरान कुछ लोग घायल हो गए जबकि कुछ घरों में भी तोड़फोड़ की गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर बम फेंके और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिये मौके पर पुलिस बल को भेजा गया है।

यह झड़प तब हुई जब भाजपा की रैली पार्टी के राज्य व्यापी अभियान ‘आर नोई अन्याय’ (और अन्याय नहीं) के तहत बराबानी मोड़ पर पहुंची। भाजपा ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने उसके कार्यकर्ताओं को पीटा जबकि प्रदेश में सत्ताधारी दल ने आरोपों को खारिज करते हुए इस घटना को भाजपा की “अंदरुनी लड़ाई” करार दिया।

केंद्रीय मंत्री और आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे स्थानीय टीएमसी नेताओं का हाथ है। उन्होंने कहा, “हमले के पीछे स्थानीय टीएमसी नेता हैं। कोयला खनन माफिया से जुड़े लोगों का हाथ भी इस घटना में है। यह पश्चिम बंगाल की हकीकत है।” भाजपा का दावा है कि उसके सात कार्यकर्ता इस झड़प में घायल हुए हैं।

घटना की निंदा करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में कानून का शासन नहीं है। सिर्फ भाजपा के सत्ता में आने पर ही राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल होगी।”

भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, “यह झड़प भाजपा के अंदरुनी झगड़े का नतीजा है। टीएमसी इस घटना में शामिल नहीं है। भगवा पार्टी हमें बदनाम करने के लिये इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।”

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