मुरादाबाद : नौकरी का पत्र मिला तो खिल उठे चेहरे

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद,अमृत विचार। सहायक शिक्षकों का नियुक्ति की कवायद पूरी हो गयी। आवेदकों को मेहनत का फल मिला तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। शनिवार को पंचायत भवन में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मुरादाबाद से 306 पदों पर 277 को नियुक्ति पत्र मिल गया। नियुक्त पत्र मिलते ही लोगों के चेहरे पर खुशी …

मुरादाबाद,अमृत विचार। सहायक शिक्षकों का नियुक्ति की कवायद पूरी हो गयी। आवेदकों को मेहनत का फल मिला तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। शनिवार को पंचायत भवन में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मुरादाबाद से 306 पदों पर 277 को नियुक्ति पत्र मिल गया।

नियुक्त पत्र मिलते ही लोगों के चेहरे पर खुशी आ गई। परिजनों की खुशी का भी ठिकाना नहीं था। लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंप कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लखनऊ में चल रहे इस कार्यक्रम का पंचायत भवन में प्रोजेक्टर लगाकर लाइव किया जा रहा था। आवेदक अपने परिजनों के साथ मुख्यमंत्री की बात सुनकर प्रसन्न नजर आ रहे थे।

राजधानी में मुख्यमंत्री ने पांच लोगों को नियुक्ति पत्र देते हुए कहा कि मन लगाकर बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराएंगे इस बात की संकल्प खुद से कर लें। शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में 36590 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। वहीं 69 हजार पदों के सापेक्ष बची हुई भर्तियों को भी जल्द ही पूरा की जाएंगी।

पंचायत भवन में नियुक्ति पत्र वितरण में मंच से अभ्यर्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त, नगर विधायक रितेश गुप्ता, कांठ विधायक राजेश कुमार चुन्नू, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

मन लगाकर शिक्षक बच्चों का भविष्य करें तैयार
शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के बाद मुख्य अतिथि जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक मन लगाकर बच्चों को शिक्षित करें और उन्हें देश का भविष्य मानते हुए तैयार करें। बोले मैं आशा करता हूं कि सभी शिक्षक पूरे मनोयोग के साथ बच्चों के भविष्य को संवारने में लगेंगे।

खुशी का नहीं है कोई ठिकाना
मुजफ्फरनगर की कुमारी अक्षिका ने कहा, कभी हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार तो कभी काउसलिंग को बीच में होल्ड कर जैसी लड़ाई अब खत्म हो गई। बहुत ही ज्यादा खुशी है, इसको शब्दों में बंया नहीं कर सकती। पूरी कोशिश रहेगी की बच्चों को बेहतर शिक्षा ग्रहण करा सकूं। बेसिक शिक्षा का स्तर क्या है किसी से नहीं छिपा। मैं खुद परिषदीय विद्यालय की छात्रा रही हूं। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को पढ़ाऊंगी।

मां का सपना हो गया पूरा
बिजनौर की कुमारी सोनाली ने कहा, खुशी का ठिकाना नहीं है, इस लम्हें को जाहिर करने के लिए जैसे अभी कोई शब्द ही नहीं बचा है। पिता किसानी करते हैं और प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं। उनका सपना था कि मैं सरकारी शिक्षिका बनूं। उनका सपना सच हो गया। बस अब जैसे कुछ बाकी नहीं रह गया।

संघर्षों के बाद मिली है सफलता
बिजनौर के मंतसा अंसारी ने कहा, काफी संघर्षों के बाद सफलता मिली है। मैं बहुत ही सामान्य परिवार से हूं। घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी, इसलिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर घर में सहयोग करती थी। मगर अब ये सफलता मिल जाने के बाद कई चीजें हैं जो पीछे छूट जाएंगी। नियुक्ति पत्र मिल जाने के बाद बहुत ही खुशी है।

बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का ले लिया संकल्प
मेरठ की मोनिका ने कहा, नियुक्ति पत्र मिलने के बाद खुशी का ठिकाना नहीं है। दो सालों से नियुक्ति पत्र मिलने का इंतजार था। जो शनिवार को खत्म हो गया। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का संकल्प ले लिया है जिसे पूरा करना ही मकसद रहेगा।

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