बदायूं: सामूहिक दुष्कर्म करने के दोषी को 10 साल का कारावास

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। घर में घुसकर महिला को खेत में उठाकर ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट व महिलाओं के विरुद्ध अपराध की न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने दोषी पाते हुए दस साल के कारावास और 6500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी नेम सिंह को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। तीसरा आरोपी घनश्याम फरार है और चौथे आरोपी मुकुट सिंह की मुकदमा के दौरान मौत हो गई थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार वादनी मुकदमा पीड़िता ने जिला संभल के थाना धनारी पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी और गांव करियाखेड़ा निवासी सियाराम पुत्र जौहरी के खेत की एक मेड़ है। तकरीबन 10 दिन पहले सियाराम के जानवर उसके खेत में घुसकर फसल उजाड़ रहे थे। जिसको लेकर झगड़ा हो गया था। जिसके बाद 22 अक्टूबर 1997 की रात वह और उसका पति घर में सोए थे।

लगभग 11 बजे गांव सुनवर सराय निवासी नेम सिंह व सोहन पाल पुत्र मान सिंह, थाना बहजोई क्षेत्र के गांव अतरासी निवासी मुकुट सिंह व घनश्याम महिला के घर में घुस आए। महिला के पति ने शोर मचाया तो उसका देवर आ गया लेकिन तब तक वह लोग महिला को पकड़कर जंगल में ले गए। वहां बारी -बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। एडीजीसी मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद सोहन पाल को सजा सुनाई है।

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