प्रतापगढ़ में बरसाती गड्ढों ने छीनी दो ज़िंदगियां : मासूम खेलते-खेलते डूबा, युवक की तलाश में मिला शव

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Edited By Amrit Vichar
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प्रतापगढ़, अमृत विचार : बरसात के मौसम में लापरवाही से बने गड्ढे कब मौत का कुआं बन जाएं, इसका जीता-जागता उदाहरण प्रतापगढ़ जिले में देखने को मिला। दो अलग-अलग गांवों में मिट्टी खोदाई से बने जल भरे गड्ढों में एक सात साल के बच्चे और एक 32 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। हादसों से गांवों में मातम और परिवारों में कोहराम मच गया।

हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर मोहद्दीनगर गांव निवासी संजय सरोज ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता है। इस समय वह घर आया हुआ है। संजय के घर से करीब 500 मीटर दूर कुछ दिन पहले जेसीबी से गड्ढा खोदकर मिट्टी निकाली गई थी। इसमें इन दिनों बारिश का पानी भरा हुआ है। शनिवार की शाम उसका सात वर्षीय बेटा सौरभ सरोज कुछ बच्चों के साथ खेलते हुए गड्ढे के पास पहुंच गया। वहां वह गड्ढे में गिर पड़ा और डूब गया। वहां खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया तो थोड़ी देर बाद घर वाले पहुंचे तो देखा मासूम गड्ढे में भरे पानी में उतराया हुआ दिखा। ग्रामीणों की मदद से शव निकालकर सीएचसी कुंडा लाया गया। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया।

वहीं महेशगंज के महेवा मलकिया की है। यहां का अभय प्रकाश तिवारी उर्फ लवकुश (32) शुक्रवार दोपहर गांव के बाहर भैंस चराने गए थे। शाम को घर वापस नहीं लौटा तो घर वाले परेशान हो गए और उनकी तलाश  करने लगे। पता न चलने पर शनिवार शाम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार सुबह गांव के लोग शौच के लिए गांव के बाहर गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए ली गई मिट्टी से बने तालाबनुमा गड्ढे की तरफ गए तो उसके किनारे युवक के कपड़े, चप्पल, तंबाकू की डिब्बी देख डर गए। तालाब में देखा तो अभय का शव उतराया था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

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