Bareilly : शासन की जांच में कृषि विभाग में बड़े घोटाले के संकेत, लखनऊ की टीम कर रही पड़ताल
बरेली, अमृत विचार। कृषि विभाग में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में बड़ा गोलमाल हुआ है। शासन से आई टीमतीन दिन से मामले की जांच कर रही है। किसानों की सब्सिडी डकारने का मामला हो या फिर किसान मेले का आया बजट, दोनों में बंदरबांट होने का पता जांच टीम को लगा है। उप कृषि निदेशक कार्यालय से दस्तावेज जुटाने के बाद टीम दो दिन से आंवला क्षेत्र में जांच कर रही है। जांच पांच दिन में पूरी होने की बात कही जा रही है।
कृषि विभाग में हुए घोटाले की जांच के लिए शासन से गठित टीम में शामिल लखनऊ के अपर निदेशक कृषि, संयुक्त कृषि निदेशक, उप निदेशक और लेखाकार मंगलवार को बरेली पहुंचे थे। पहले दिन बिलवा फार्म पर टीम डेरा डाले रही। उप कृषि निदेशक कार्यालय से दस्तावेज जुटाने के बाद बुधवार को टीम आलमपुर जाफराबाद पहुंची। बताया जाता है कि यहां 2020-21 और 2021-22 के बीच फार्म मशीनरी बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर योजना का लाभ लेने वाले किसानों से संपर्क किया।
इन दोनों योजनाओं में कई अपात्रों का चयन किया गया था। दूसरे दिन यानि गुरुवार को टीम आंवला पहुंची। यहां भी सुबह से शाम तक जांच जारी रही। कृषि यंत्र लेने वाले किसानों से संपर्क करने के साथ डीलरों से संपर्क किया। इसके अलावा पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर प्रत्येक विकास खंड में लगने वाले एक दिवसीय किसान कल्याण मेला के लिए आए बजट को लेकर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से जानकारी ली। इसके अलावा भूमि संरक्षण विभाग में घोटाले की जांच भी टीम आंवला में कर रही है। जांच टीम में शामिल अपर कृषि निदेशक अधिकारियों से लेकर विभागीय बाबुओं का रिकार्ड भी तलब कर चुके हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
अब नहीं दिखते विकास भवन और डीआईओएस कार्यालय में बाबू
किसानों की योजनाओं पर डाका डालने वाले उप कृषि निदेशक कार्यालय में तैनात कुछ बाबू पिछले कई दिनों से विकास भवन और डीआईओएस दफ्तर के आसपास मंडरा रहे थे। डीएम अविनाश सिंह भी डीसी एनआरएलएम और लेखाधिकारी से कृषि विभाग में हुए घोटालों की जांच करा रहे हैं। डीसी एनआरएलएम विकास भवन में तो लेखाधिकारी डीआईओएस कार्यालय में बैठते हैं। लखनऊ से टीम आने के बाद दोनों जगहों पर मंडराने वाले डीडी कृषि कार्यालय के बाबू गायब हो गए हैं।
