ओलंपिक खिलाड़ियों के परिचय से शुरू हुई रैगिंग की प्रथा, दूसरे चरण में नशे के खिलाफ चलेगा उच्च शिक्षा संस्थानों में अभियान

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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विश्वविद्यालयों में एंटी रैगिंग जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

लखनऊ, अमृत विचार: उच्च शिक्षा संस्थानों में नए सत्र आरंभ होने के साथ रैंगिग फ्री कैंपस बनाने के लिए एंटी रैगिंग सप्ताह का आयोजन सम्पन्न हो गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश पर सभी संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ अभियान चलाया गया अब इसके दूसरे चरण में नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने के लिए अभियान प्रस्तावित है। लखनऊ विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में एंटी रैगिंग सप्ताह का समापन किया गया। कार्यक्रम में प्रो. अंचल श्रीवास्तव ने बताया कि खिलाड़ियों के आपसी परिचय की परंपरा ओलंपिक से आरम्भ हुई थी। जो बाद में रैगिंग के विकृत रूप में शिक्षा संस्थानों में आ गई।

एंटी रैगिंग सप्ताह के दौरान निंबध लेखन और पोस्टर प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया। निबंध में हर्षिता आर्या, अंशुमान शिवम् सिंह, अनामिका चतुर्वेदी, सुमित कुमार रावत ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में प्रो. पवन अग्रवाल, डॉ. ममता तिवारी, प्रो. रीता चौधरी, प्रो. सूरज बहादुर थापा, प्रो. हेमांशु सेन, प्रो. श्रुति, प्रो. अलका पाण्डेय, डॉ. सेंथिल कुमार, डॉ. राहुल पांडेय, डॉ. सुधा, डॉ. आकांक्षा, डॉ. ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. सीमा यादव उपस्थित रहीं।

वनस्पति विज्ञान विभाग में लघु फिल्म दिखाई गई

वनस्पति विज्ञान विभाग में एक एंटी-रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें रैगिंग पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। रैगिंग से उत्पन्न मनोवैज्ञानिक, सामाजिक एवं कानूनी परिणामों को दर्शाया गया। इस फिल्म के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विश्वविद्यालय रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाता है तथा छात्रों को आपसी सम्मान और सौहार्द्र बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

विधि विश्वविद्यालय में रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस

डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में एंटी-रैगिंग जागरुकता सप्ताह का समापन हुआ। अंतिम दिन इन-क्लास अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक समिति ‘तहज़ीब’ के सदस्यों ने नए छात्रों को रैगिंग के दुष्प्रभावों, परिसर में अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों और रैगिंग-विरोधी नियमों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही, विश्वविद्यालय की ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर भी चर्चा की गई, जिससे छात्रों में कानूनी और नैतिक दृष्टिकोण से संवेदनशीलता विकसित हो सके।

भाषा विश्वविद्यालय में हुई प्रतियोगिता

ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में एंटी रैगिंग जागरुकता सप्ताह का समापन पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में 150 से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया। कार्यक्रम में बख्शी का तालाब क्षेत्र के विधायक योगेश शुक्ल मौजूद रहे। इस आयोजन में स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, पोस्टर और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निर्णायक मंडल में डॉ. आराधना अस्थाना (हिंदी विभाग), डॉ. कीर्तिमा सचान व डॉ. कल्पना देवी (गृह विज्ञान विभाग) और रंजीत कुमार वर्मा (वाणिज्य विभाग) शामिल रहे। निबंध में तस्मिया मकसूद, अबुजर, नम्रता रफत अब्बल रहे जबकि पोस्टर में वली अहमद, सुजीत कुमार मिश्रा और कामरान असलम विजेता रहे।

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