सिस्टम की बदइंतजामी! अस्पतालों के बाहर लाइलाज बनी जाम की समस्या, कई एम्बुलेंस भी फंसी
लखनऊ, अमृत विचार : तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी खुलने पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पंजीकरण और दवा वितरण काउंटर पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। केजीएमयू में तो करीब एक एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी। यहां आधे घंटे तक सर्वर डाउन रहने से ओपीडी पंजीकरण व जांच रिपोर्ट मिलने में मरीजों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। KGMU व लोहिया संस्थान की ओपीडी में मरीज देखने का नया रिकार्ड भी बन गया।
दरअसल, शुक्रवार को 15 अगस्त, शनिवार कृष्ण जन्माष्टमी और रविवार को लगातार तीन दिन अस्पतालों में अवकाश के चलते ओपीडी का संचालन नहीं हुआ। सोमवार को अस्पताल खुलने पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी।
केजीएमयू की ओपीडी में सुबह पांच बजे से मरीजों की कतार लग गई। यहां करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लगी थी। आठ बजे ओपीडी भवन का गेट खुलने पर पंजीकरण शुरू हुआ। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि ओपीडी में 9464 मरीज ओपीडी में देखे गए। काफी मरीज भर्ती भी किए गए। सामान्य दिनों में सात से आठ हजार मरीज ही देखते जाते हैं।
लोहिया संस्थान में सामान्य दिनों में तीन हजार से 32 सौ मरीज आते हैं, सोमवार को 4211 मरीज ओपीडी में देखे गए। पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ी। प्रवक्ता डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि किसी भी मरीज को बिना इलाज नहीं लौटाया गया। सभी मरीजों के पंजीकरण के निर्देश सुबह ही दे दिए गए थे। डॉक्टरों ने शाम तक मरीजों को ओपीडी में देखकर सलाह दी।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार मरीजों की जांचें हुईं। इसके अलावा बलरामपुर अस्पताल, सिविल, लोकबंधु, ठाकुरगंज संयुक्त अस्पताल, रानी लक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर और रामसागर मिश्र अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों की OPD में सामान्य दिनों की अपेक्षा डेढ़ गुना तक अधिक मरीज इलाज के लिए आए।
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