बरेली: आलमगिरिगंज की रामगोपाल और श्यामा घी फर्म के विरुद्ध वाद दायर
अमृत विचार, बरेली। लखनऊ लैब में देसी घी के सैंपल अधोमानक मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने आलमगिरिगंज की रामगोपाल और श्यामा देसी घी फर्म के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी (नगर) की कोर्ट में वाद दर्ज कराया है। अधोमानक देसी घी की सप्लाई के आरोप में राजस्थान और कासगंज की फर्म के विरुद्ध …
अमृत विचार, बरेली। लखनऊ लैब में देसी घी के सैंपल अधोमानक मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने आलमगिरिगंज की रामगोपाल और श्यामा देसी घी फर्म के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी (नगर) की कोर्ट में वाद दर्ज कराया है। अधोमानक देसी घी की सप्लाई के आरोप में राजस्थान और कासगंज की फर्म के विरुद्ध भी कार्रवाई की गयी है। वाद में इनका नाम भी लिखाया गया है।
सुनवाई अपर जिलाधिकारी नगर कोर्ट में चलेगी। जल्द सभी फर्मों के विरुद्ध नोटिस जारी होगा। अगस्त में राजस्थान और कासगंज में निर्मित 235 टिन देसी घी पकड़ा गया था। टिन में भरा देसी घी प्रारंभिक जांच में कुछ गड़बड़ नजर आया था। इसके सैंपल भरकर जांच के लिये लखनऊ लैब भेजे गये थे। अक्टूबर में आई रिपोर्ट में सैंपल अधोमानक पाए गए थे। अब जिला अभिहित अधिकारी के निर्देश पर दोनों मामलों में वाद दर्ज कराया गया है।
बता दें कि 13 अगस्त को ट्रैफिक पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी देसी घी के टिन लदा वाहन पकड़ा था। ये टिन राजस्थान के ग्रोथ सेंटर धौलपुर स्थित रिको इंडस्ट्रियल एरिया की फर्म ओम शंकर फूड के थे। टिन पर न लेबल था और न ही बैच नंबर लिखा था। टिन मैसर्स रामगोपाल मुन्ना लाल 417, घी मंडी आलमगिरिगंज लाये गये थे। क्रेता फर्म करीब 150 टिन दूसरे वाहन यूपी25-बीटी-9940 में लाद कर आलमगिरिगंज स्थित अपने प्रतिष्ठान पर लाई थी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोमनाथ कुशवाहा एवं डा. एसएसडी सच्चन ने देसी घी की जांच की थी जिसमें देसी घी की गुणवत्ता संदेह के घेरे में पायी गयी। दो सैंपल लखनऊ लैब भेजे गए। देसी घी करीब 5.13 लाख रुपये कीमत का है। इसके बाद एफएसडीए की टीम ने मैसर्स श्यामा घी के गोदाम का निरीक्षण किया था। यहां भी बिना लेबल, बैच नंबर के 85 टिन देसी घी पकड़ा था। देसी घी मैसर्स शुभम ट्रेडर्स देसी घी मर्चेंट सरदार पटेल मार्ग, कासगंज से आया था। करीब 1273 किग्रा देसी घी सीज किया गया था। गुणवत्ता पर संदेह होने पर दो सैंपल भरे गये थे। अक्टूबर में दोनों सैंपलों की रिपोर्ट लखनऊ लैब से अधोमानक आयी थी।
बड़े स्तर पर खेल होने की चर्चा
अधोमानक पाया गया देसी घी करीब 250 रुपये प्रति किलो से भी कम कीमत में खरीदकर ग्राहकों को 400 रुपये से अधिक में बेचा जा रहा था। कासगंज और राजस्थान के अधोमानक देसी घी को ब्रांड के नाम से बेचा जा रहा था। दोनों मामलों में बड़े स्तर पर खेल होने की चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि देसी घी की गुणवत्ता में भी खोट था लेकिन जांच में ऐसा कुछ नहीं आया।
