अद्भुत अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर
उत्तर भारत का एकमात्र अष्टादशभुजा (18 भुजाओं वाली) महालक्ष्मी मंदिर हल्द्वानी से सटे बेरीपड़ाव में स्थित है। महालक्ष्मी की भव्य प्रतिमा इस मंदिर में विराजमान है। इस मंदिर की स्थापना महामंडलेश्वर बालकृष्ण यति महाराज ने कराई थी। इसी कारण इसे बालकृष्ण यतिधाम नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में 20 अप्रैल 2007 को देवी महालक्ष्मी की 18 भुजाओं वाली प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। सफेद रंग के तीन विशाल गुंबदों वाला यह मंदिर सुंदर और अद्भुत संरचना है।

मंदिर परिसर में भगवान शिव, गणेश और हनुमान के मंदिर भी स्थापित हैं। नवरात्रि पर मंदिर में आस्था का महासागर उमड़ता है। महामंडलेश्वर सोमेश्वर यति महाराज बताते हैं कि शारदीय नवरात्र में मां के नौ स्वरूपों की कथा का संगीतमय वर्णन करने के लिए श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का आयोजन होता है। यह मंदिर लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है।
