गैंगस्टर एक्ट के तहत इरफान सोलंकी की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी सहित रिजवान सोलंकी और इसराइल आटेवाला की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ के समक्ष हुई।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी के आपराधिक इतिहास के अनुसार वर्ष 2022 में डिफेंस कॉलोनी, कानपुर नगर निवासी नज़ीर फातिमा के प्लॉट पर जबरन कब्जा करने के उद्देश्य से विधि विरुद्ध ढंग से एकत्र होकर पूर्व योजना के तहत आगजनी और तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद विधायक पर धमकी, धोखाधड़ी और बलवा जैसे गंभीर आरोप लगे।
विधायक के खिलाफ बढ़ते आरोपों और कथित आपराधिक गतिविधियों के आधार पर प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार दूबे ने 26 दिसंबर 2022 को उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम,1986 की धारा 3(1) के तहत पुलिस स्टेशन जाजमऊ, (कमिश्नरेट) कानपुर नगर, पूर्वी में प्राथमिकी दर्ज कराई।
प्राथमिकी में इरफान सोलंकी के साथ-साथ उनके भाई रिजवान सोलंकी, इसराइल आटेवाला, मोहम्मद शरीफ, शौकत अली का नाम भी शामिल हैं। बता दें कि इरफ़ान सोलंकी पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल कर विरोधियों को धमकाने, अवैध कब्जा करने और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं।
