वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार..पलायन को मजबूर हुए लोग, कई घाटों का संपर्क टूटा 

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Edited By Anjali Singh
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सोमवार को एक बार फिर गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह नदी का जलस्तर 70.28 मीटर दर्ज किया गया, जबकि काशी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है। गंगा और वरुणा नदी के किनारे बसे लोगों की मुश्किलें पहले से ही बढ़ी हुई हैं। गंगा का जलस्तर 2.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। 

नगर निगम के लिए बड़ी मुश्किलें 

बाढ़ के पानी के कारण गंगा घाटों पर जमा सिल्ट को हटाने का कार्य कई स्थानों पर नगर निगम और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा था। हालांकि, जलस्तर में दोबारा वृद्धि के कारण घाटों पर फिर से मिट्टी जमा होने की आशंका जताई जा रही है। काशी दर्शन, पूजन और घूमने आए पर्यटकों व श्रद्धालुओं को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई घाटों का संपर्क पहले ही टूट चुका है। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से वरुणा नदी में भी पलट प्रवाह देखने को मिल रहा है। 

इन जगहों पर भरा पानी 

नक्खी घाट, पुलकोहना, शक्कर तालाब, पुराना पुल, बघवानाला समेत कई इलाकों में पानी के प्रवेश का खतरा फिर से मंडरा रहा है। हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास के संगठन मंत्री शंभू साहनी ने बताया कि नावों का संचालन पूरी तरह बंद है, जिससे नाविकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सेवा न्यास द्वारा नाविकों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। 

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