बाराबंकी: सचिव विवाद से ठप पड़ा विकास, चार ग्राम पंचायतों में कामकाज रुका
देवा/बाराबंकी, अमृत विचार। देवा विकासखंड के शाहपुर कलस्टर की चार ग्राम पंचायतों शाहपुर, सिसवारा, टेरा खुर्द और टिकरापट्टी में सचिव को लेकर चल रहा विवाद ग्रामीण विकास की रफ्तार में रोड़ा बन गया है। करीब एक माह से इन पंचायतों में न तो विकास कार्य हो पा रहे हैं और न ही आम लोगों के ज़रूरी कार्य निपटाए जा रहे हैं।
ग्राम प्रधानों का आरोप है कि नियुक्त महिला सचिव की कार्यशैली सहयोगात्मक नहीं है, जिसके चलते वे उनके साथ कार्य करने को तैयार नहीं हैं। सिसवारा की प्रधान खीला देवी, टेरा खुर्द की प्रधान सुमित्रा देवी, शाहपुर की प्रधान अंजू देवी और टिकरापट्टी के प्रधान वीरेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से कई बार लिखित शिकायतें भेजकर नई सचिव की नियुक्ति की मांग की है। सचिव के न होने से पंचायतों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, गौशाला में चारा व केयरटेकर मानदेय जैसी जरूरी सुविधाएं बाधित हैं।
ग्रामवासियों को रोज़मर्रा के कामों के लिए ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो ब्लॉक प्रशासन द्वारा जिला पंचायत राज अधिकारी को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन मामला अब तक फाइलों में ही उलझा है। ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी तक प्रार्थना पत्र भेजकर सचिव बदलने की गुहार लगाई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
ग्राम प्रधानों की समस्याओं से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। नए सचिव की तैनाती का निर्णय डीपीआरओ स्तर पर लंबित है। वहीं से आदेश आने पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी... डॉ. नेहा शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी देवा।
