श्रद्धालुओं के लिए खुला परकोटा के बेसमेंट में बना स्थाई निकास मार्ग, ध्वजारोहण के लिए राम मंदिर का 201 फीट ऊंचा शिखर बनकर तैयार

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Published By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन करने के बाद मंदिर में बने स्थाई निकास द्वार से बाहर जाने का मार्ग खोल दिया गया है। श्रद्धालु परकोटा में बने हनुमान जी, सूर्य देव, माता भगवती, अन्नपूर्णा देवी और भगवान शिव के बाद बेसमेंट के रास्ते भगवान गणेश मंदिर तक पहुंचेंगे। जहाँ दर्शन कर निकास द्वार से बाहर जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु शेषावतार मंदिर, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषाद राज, अहिल्या देवी के मंदिर में भी दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए परिसर में सभी कार्यों को अंतिम स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्रा ने गुरुवार को बताया कि परकोटा में चल रहे निर्माण कार्य को देखते हुए बने स्थाई निकास द्वार जो पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है, उसे खोल दिया गया है। श्रद्धालु दर्शन करने के बाद इससे बाहर जा रहे हैं। बताया कि इस मार्ग से श्रद्धालु सीधे यात्री सुविधा केंद्र तक पहुंच रहे है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में हैं। ध्वजारोहण की तैयारी शुरू हो चुकी है। भारत के उत्तर से लेकर दक्षिण तक की परंपरा को जोड़ते हुए मंदिर का भव्य शिखर बनकर तैयार हो चुका है। 

परिसर के 201 फीट ऊंचे शिखर पर 25 नवंबर को ध्वजारोहण किया जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। इसके अलावा शेषावतार मंदिर और परकोटे में बने देवी-देवताओं के छह अन्य मंदिरों पर भी ध्वज फहराया जायेगा। इसके लिए तीन दिवसीय अनुष्ठान किया जाएगा। कहा कि 23 से 25 नवंबर तक इस पूरे कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा। इस दौरान अयोध्या सहित प्रदेश के 10,000 प्रमुख अतिथियों को भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

राम मंदिर ट्रस्ट का वार्षिक आय में चौथा स्थान

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्रा ने बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देश का चौथा सबसे बड़ा ट्रस्ट बना गया है। जिसे इस एक वर्ष में 327 करोड़ रुपये प्राप्त हुये हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर में दर्शनार्थियों की रोज न्यूनतम संख्या 70-80 हजार है। जो विभिन्न माध्यम से मंदिर को दान कर रहे हैं, जिसमें विदेशी दान भी शामिल है। कहा कि बीते दिनों हुई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय समिति की बैठक में 2024-25 का लेखा-जोखा पेश किया गया।

जिसमें वित्तीय वर्ष की आए कुल 327 करोड़ रुपये रही। जिसमें 153 करोड रुपये दान से प्राप्त हुए हैं, 174 करोड़ रुपये ब्याज से प्राप्त हुए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 अगस्त में 104.96 करोड़ रुपये की आय हुई है। जिसमें 31.22 करोड़ दान से और 73.74 करोड़ ब्याज प्राप्त हुए हैं। ट्रस्ट में इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।

जिसमें दान काउंटर से 6.20 करोड़, दानपात्र से 20.86 करोड़, ऑनलाइन माध्यम से 3.79 करोड़ और विदेशी दान 10 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। ट्रस्ट की सालाना रिपोर्ट में बताया गया है कि दान काउंटर से 34.99 करोड़, दान पत्र से 105.38 करोड़, ऑनलाइन माध्यम से 12.80 करोड़ और विदेशी दान 54 लख रुपए प्राप्त हुए हैं। जो मिलाकर कुल 153.71 करोड़ रुपये हैं।

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