हाईकोर्ट ने दिव्यांग के उत्पीड़न पर सुलतानपुर के एसपी और एसएचओ को किया तलब, जानें पूरा मामला
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक दिव्यांग व्यक्ति को झूठ मामले में फंसाकर परेशान करने से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सुलतानपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और मोतीगरपुर थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) को तलब किया। पीठ ने पुलिस के दोनों अधिकारियों को 19 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है।
पीठ ने दोनों अधिकारियों को मामले में हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि अगर अगली तारीख तक हलफनामा दायर नहीं किया गया तो सख्त आदेश दिए जाएंगे। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति एस.क्यू.एच. रिजवी की पीठ ने श्याम सुंदर (56) द्वारा दायर एक रिट याचिका पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देते हुए दलील दी कि पहले भी उसे झूठे आपराधिक मामले में फंसाया गया था लेकिन उसने सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अग्रिम जमानत मिलने के बाद मोतीगरपुर पुलिस ने उसे परेशान करने के लिए हत्या के प्रयास का झूठा मामला दर्ज किया। उन्होंने अदालत में दलील दी कि जिस तरह से अपराध किया गया, वह किसी दिव्यांग व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा, “अदालत यह समझने में असमर्थ है कि 56 वर्षीय एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ ऐसा अत्याचारपूर्ण व्यवहार क्यों किया गया।” पीठ ने एसपी और एसएचओ के साथ-साथ छह निजी पक्षों को भी तलब किया है।
