कानपुर: स्वस्थ महिला एक सशक्त परिवार की रीढ़, सशक्त परिवार ही महान राष्ट्र की आत्मा, बोले रामनाथ कोविंद
कानपुर, अमृत विचार। एक स्वस्थ महिला ही एक सशक्त परिवार की रीढ़ होती है और एक सशक्त परिवार ही एक महान राष्ट्र की आत्मा। मां के बिना सृष्टि के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। मानव जाति की उत्पत्ति और पालन पोषण मां के बिना असंभव है। मां के कारण ही हर इंसान का जीवन संभव है।
मां केवल जन्म ही नहीं देती बल्कि वह जीवन के प्रत्येक चरण, मार्गदर्शन और पोषण करने वाली शक्ति स्वरुप है। इसलिए मां केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र, पूरे समाज और मानवता की केंद्रीय धुरी है। मां के बिना ना तो जीवन संभव है और ना ही सभ्यता। यह बातें देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने फॉग्सी नेशनल प्रेंसिडेंशियल कॉफ्रेंस में बोलीं।
परेड स्थित होटल लैंडमार्क में शनिवार को फॉग्सी नेशनल प्रेसिडेंशियल कॉंफ्रेस में वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत सरकार व राज्य सरकारों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुधारने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है।
सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए जननी सुरक्षा योजना, गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण अभियान, निशुल्क इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना समेत आदि का संचालन हो रहा है। इन सभी योजनाओं को क्रियान्वित करने में और इन्हें सफल बनाने में डॉक्टरों का योगदान काफी है। एनीमिया की दर में गिरावट लाने व नवजात शिशुओं का टीकाकरण की दर में बढ़ोत्तरी, महिलाओं में कैंसर स्क्रीनिंग आदि से कई बदलाव आ रहे हैं। भविष्य में इन सभी में और भी बदलाव होगा।
कहा कि आज के युग में नई चुनौतियों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनकर सामने आ रहे हैं, जो मां और शिशु दोनों के लिए जोखिम का कारण बन सकते है। महिला स्वास्थ्य संरक्षण की लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई। हमें नई दृष्टि को आधुनिक तकदीर और व्यापक सहयोग के माध्यम से इन चुनौतियों का सामना करना होगा।
फॉग्सी की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.सुनीता टनदूलवडकर ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक राष्ट्र, एक वचन, स्वस्थ नारी व स्वस्थ भारत है, जिसके संबंध में कई प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो.विनय पाठक ने इंडियन साइंस एंड टेक्नोलॉजी की पुस्तक की जानकारी दी और पढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही वैक्सीन लगाने और इसके संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने के बारे में जानकारी दी।
17 सितंबर से दो अक्टूबर तक चलेगा अभियान
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक भारत सरकार स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान चलाने जा रही है, जिसमे सभी की भागीदारी काफी जरूरी है। सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम और फॉग्सी जैसी संस्थाएं इसमे कंधा मिलाकर काम करें। कहा कि डॉक्टरों की निष्ठा और सेवाएं तब और भी व्यापक फसल डालते हैं। देश की हर महिला को चाहे वह शहर में हो या गांव में उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके, इसपर कार्य हो रहे हैं।
टेक्नोलॉजी से जीवन के हर क्षेत्र को बदल रही
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि आज के दौर में टेक्नोलॉजी जीवन के हर क्षेत्र को बदल रही है, ऐसे में मेडिकल फैकल्टी को भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेली मेडिसिन और डिजिटल हेल्थ सर्विसेज को प्रयोग में लाना चाहिए, जिन लोगों तक विशेषज्ञ डॉक्टर का पहुंच पाना कठिन है, वहां टेक्नोलॉजी ही आशा की किरण बनकर पहुंच सकती। वह अपने मोबाइल से ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर से जुड़ सके।
गांव के स्वास्थ्य कर्मी के पास डायग्नोस्टिक के लिए पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन हो या फिर डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से हर गर्भवती महिला की जांच समय पर हो, जो आधुनिक टेक्नोलॉजी स्वास्थ्य सेवाओं को और भी किफायती व बेहतर बना सकती है। इस महान अधिवेशन की थीम वुमेन हेल्थ पर वूमेन एंपावरमेंट अत्यंत सार्थक और समय अनुकूल है।
2047 तक विकसित भारत का देखा है सपना
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि महिला स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण दो अलग शब्द नहीं है, बल्कि यह एक ही सिक्के के दो पहलू है। हम सभी भारतीयों ने मिलकर वर्ष 2047 तक विकसित भारत का एक सपना देखा है। एक स्वस्थ मन, एक शिक्षित बेटी और स्वालंबी नारी, यह हमारे विकसित भारत के परिकल्पना का केंद्र बिंदु है। चिकित्सा विज्ञान तो मानवता की सबसे पवित्र सेवा है यह मात्र एक प्रोफेशन नहीं है, बल्कि समाज के रक्षक हैं।
यह डॉक्टर रहीं मौजूद
डॉ.मीरा अग्निहोत्री, डॉ.किरन पांडेय, डॉ.हेमा दिवाकर, डॉ.प्रीति कुमार, डॉ.नीलम मिश्रा, डॉ.कल्पना दीक्षित, डॉ.रेशमा निगम, डॉ.कंचन शर्मा, डॉ.किरन सिन्हा, डॉ.शैली अग्रवाल, डॉ.रेनू गुप्ता, डॉ.रश्मि यादव, डॉ.अवध दूबे, डॉ.सीमा द्विवेदी समेत आदि डॉक्टर रहे।
