बरेली: पीएचडी के साक्षात्कार में 10 मिनट का देना होगा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन
बरेली, अमृत विचार। विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी 2019 की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन प्रवेश परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी थी। क्योंकि अभी तक उनके साक्षात्कार नहीं हो सके। कुलपति के निर्देश पर शोध समन्वयक प्रो. सुधीर कुमार ने साक्षात्कार कराने की तैयारी शुरू …
बरेली, अमृत विचार। विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी 2019 की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन प्रवेश परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी थी। क्योंकि अभी तक उनके साक्षात्कार नहीं हो सके।
कुलपति के निर्देश पर शोध समन्वयक प्रो. सुधीर कुमार ने साक्षात्कार कराने की तैयारी शुरू कर दी है। साक्षात्कार 31 दिसंबर तक कराए जा सकते हैं। साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थी को 400 से 600 शब्दों का अपने विषय से संबंधित प्रपोजल तैयार करके लाना होगा। इसके अलावा उसे 10 मिनट का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी देना होगा। साक्षात्कार में चुने जाने के बाद जल्द ही विद्यार्थियों की पढ़ाई भी शुरू करा दी जाएगी।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा के बाद साक्षात्कार को लेकर जल्द ही नोटिस भी जारी किया जाएगा। साक्षात्कार में जिन अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा, उनके मेल और मोबाइल पर सूचना दी जाएगी। अभ्यर्थियों को जीआरएफ नेट पास या पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2019 पास होने का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, नान क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र लाना होगा। इसके अलावा यदि वह नौकरी करता है, तो उसे एनओसी भी लानी होगी। इसके अलावा सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र भी साथ में लाने होंगे। इन प्रमाण पत्रों का विश्वविद्यालय द्वारा सत्यापन भी किया जाएगा।
शोध समन्वयक ने बताया कि अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट को लगातार चेक करते रहना चाहिए, ताकि इसकी सूचना उन्हें मिल जाए। जानकारी के मुताबिक हिंदी, उर्दू, शिक्षा, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, संगीत, कला, सैन्य अध्ययन समेत 23 विषयों में पीएचडी के लिए साक्षात्कार कराया जाएगा। जिसमें शिक्षा के 680, हिंदी के 146, इतिहास के 84, राजनीति शास्त्र के 40, समाज शास्त्र के 50 व अन्य विषयों में 30 से 40 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार कराया जाएगा।
नैनो मेटेरियल पर पीएचडी करने वाले छात्र का चयन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के भौतिक विभाग के पीएचडी छात्र दुर्गेश कुमार शर्मा को नेशनल पोस्ट डॉक्टरल फैलोशिप के लिए चुना गया है। यह फैलोशिप भारत सरकार के साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग के अधीन संचालित साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड की ओर से दी जाएगी। जिसके तहत उन्हें प्रति माह 65 हजार रुपए मिलेगा। उन्हें कुल 24 लाख की ग्रांट मिलेगी। वह यह फेलोशिप प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालय के पहले विद्यार्थी हैं।
दुर्गेश को फैलोशिप टू डाइमेंशन टैंटेलम आधारित नाइटराइड मैटेरियल्स के गुण धर्मों के अध्ययन के लिए प्राप्त की गई है। दुर्गेश कुमार ने स्टेबिलिटी इलेक्ट्रानिक एंड ऑप्टिकल प्रॉपरटीज ऑफ टूडी मैटेरियल्स एनएब इनिशियो स्टडी पर पीएचडी भौतिक विभाग के प्रोफेसर सुधीर कुमार के मार्गदर्शन में किया है। उनके उपयोगों को रिचार्बेल लीथियम आयन बैट्रीज, मैमोरी डिबाइस और सोलर सेल के लिए बताया है। उनके शोध कार्य अंतराष्ट्रीय पत्रों में भी छपे। इस प्रोजेक्ट में मेंटर के रूप में उन्होंने जवाहर लाल नेहरू सेंटर फार एडवांस साइंटिफिक रिसर्च बंग्लूरू के वैज्ञानिक प्रो. उमेश वी बाघमारे को चुना। प्रो. बाघमारे की सहमति के बाद ही यह फेलोशिप मिली है।
