UP : फिरौती के लिए सौरभ का किया था अपहरण, शोर मचाया तो मार डाला
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। थाना भीरा के गांव लालजीपुरवा निवासी 16 साल के सौरभ की हत्या उसके ही दोस्तों ने की थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उसका गन्ने के खेत से क्षत-विक्षत हालत में शव बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने उसे फिरौती के लिए अगवा किया, लेकिन सौरभ के सारे मचाने पर पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर भाग निकले।
पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से एक बदमाश मुठभेड़ में लगी पुलिस की गोली से घायल हो गया है। मामला दो समुदायों के बीच का होने से इलाके में तनाव व्याप्त है। पीएसी समेत भारी पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है।
गांव लालजीपुरवा निवासी सौरभ भीरा कस्बे की एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर काम सीख रहा था। 6 सितंबर की शाम लगभग 6:30 बजे वह दुकान से घर जाने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वह घर नहीं पहुंचा। इस पर परिवार वालों को चिंता हुई। जब देर रात तक सौरभ घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने दुकान मालिक से पूछताछ की, लेकिन पता नहीं चला। 7 सितंबर को परिजनों ने भीरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और इधर-उधर तलाश में जुटे रहे। 9 सितंबर को परिजनों ने कुछ संदिग्धों के नाम देते हुए पुलिस को तहरीर दी।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बुधवार को ही हिरासत में ले लिया था, लेकिन सख्ती से पूछताछ न करने से आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करते रहे। पुलिस आखिरकार संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ करने पर शनिवार दोपहर साढ़े तीन बजे आरोपियों की निशानदेही पर गन्ने के खेत से सौरभ का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शुरू में शव को लावारिस बताते हुए मोर्चरी में रखवाया, लेकिन परिजनों के दबाव के बाद रात में मृतक के पिता को बुलाकर शव की पहचान कराई। मृतक के पिता विजय ने शव की पहचान अपने पुत्र सौरभ के रूप में की।
इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पाकर पलिया विधायक रोमी साहनी रविवार को लालजीपुरवा पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सौरभ के पिता विजय महज पांच बीघा जमीन के सहारे मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इस घटना से पूरा क्षेत्र गम और गुस्से में है। पुलिस ने एक आरोपी शादाब का घर सील कर उसमें ताला डाल दिया है।
इस तरह रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी शादाब, जो पहले उसी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर काम करता था, सौरभ को जानता था। शादाब ने मुंबई में दुकान खोलने का झांसा देकर 6 सितंबर को सौरभ को अपने निर्माणाधीन मकान पर बुलाया। वहां पहले से मौजूद उसके साथी इरशाद और रियासत ने मिलकर सौरभ को पकड़ लिया और फिरौती के लिए बंधक बनाने की योजना बनाई। सौरभ के भागने की कोशिश करने पर तीनों ने मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बाइक से से गन्ने के खेत में फेंक दिया। दिखावे के लिए शादाब दो दिन तक परिजनों के साथ सौरभ की तलाश करता रहा।
भीड़ का आक्रोश, भारी पुलिस बल तैनात
हत्या की जानकारी फैलते ही शनिवार शाम भीरा थाने पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने व उन्हें फांसी देने की मांग करने लगे। भीड़ को काबू में रखने के लिए कई थानों की पुलिस और छह ट्रक पीएसी तैनात की गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि समय पर कार्रवाई न होने पर भीरा–पलिया रोड जाम कर देंगे। सीओ गोला रमेश कुमार तिवारी ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ में मुख्य आरोपी शादाब को तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया, जबकि रियासत और इरशाद पहले ही पुलिस की गिरफ्त में थे। गिरफ्तार आरोपियों का चालान भेजा गया है।
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव आते ही भड़के लोग, मची चीखपुकार
भानपुर। रविवार को दोपहर बाद से ही गांव लालजीपुरवा में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए थे और पोस्टमार्टम के बाद शव आने का इंतजार करने लगे। शाम को जब शव गांव पहुंचा तो परिवार में चीत्कार मच गई। भीड़ भी आक्रोशित हो गई और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर सड़क जाम करने की कोशिश की। हालांकि भारी पुलिस बल और अधिकारियों के समझाने व कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देने पर लोग शांत हुए। करीब तीन घंटे तक चले बवाल के बाद परिवार वालों ने शव को दफन किया। मृतक सौरभ दो भाइयों में बड़ा था। उसकी मौत से परिवार वालों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
एक समुदाय ने बंद रखीं दुकानें
मामला दो समुदायों के बीच का होने के कारण लोगों में काफी उबाल था। इसे देखते हुए दूसरे समुदाय के लोगों की अधिकांश दुकाने दुकानें बंद रहीं। दुकानों के बंद होने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा है। भारी पुलिस बल की तैनाती से लालजीपुरवा छावनी में तब्दील रहा।
मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुए एक आरोपी
सीओ रमेश कुमार तिवारी ने बताया कि सौरभ की हत्या में शामिल पीलीभीत जिले के कस्बा पूरनपुर के मोहल्ला इंद्रानगर निवासी इरशाद को पुलिस तलाश कर रही थी। सलामतनगर भट्ठा के पास आरोपी की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। आरोपी की गोली से पुलिस टीम बाल-बाल बची। जवाबी फायरिंग में गोली पैर में लगने से इरशाद घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी के पास से एक तमंचा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद हुआ है
