असमंजस और मानसिक तनाव में शिक्षक : शैक्षिक महासंघ
अनुभवी शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
बाराबंकी, अमृत विचार। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में सोमवार को अनुभवी शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित किया गया। यह ज्ञापन महासंघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसे नायब तहसीलदार नवाबगंज राजीव वर्मा ने प्राप्त किया।
ज्ञापन में कहा गया कि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी गई थी, लेकिन 1 सितम्बर 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में इस तथ्य की अनदेखी की गई है, जिससे 20 लाख से अधिक शिक्षक असमंजस और मानसिक तनाव की स्थिति में हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि इस निर्णय से पूर्व से वैध रूप से नियुक्त शिक्षकों की सेवा असुरक्षित हो गई है, जो कि अनुचित है। उन्होंने प्रधानमंत्री से तीन प्रमुख मांगों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
जिसमें कहा गया कि न्यायालय का निर्णय केवल भविष्यलक्षी रूप से लागू किया जाए। वैध नियुक्त अनुभवी शिक्षकों की सेवा, सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित की जाए और लाखों शिक्षकों की सेवा समाप्ति से बचाने हेतु आवश्यक नीतिगत अथवा विधायी कदम उठाए जाएं। महासंघ के महामंत्री संतोष वर्मा ने कहा कि मुद्दा केवल टीईटी उत्तीर्ण करने का नहीं, बल्कि शिक्षकों के मान-सम्मान और स्वाभिमान का है।
यदि आज टीईटी को अनिवार्य मान भी लिया गया, तो भविष्य में कोई और नई योग्यता निर्धारित कर शिक्षकों की सेवा पर संकट खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि 2011 के पूर्व नियुक्त कई शिक्षक पहले से ही टीईटी उत्तीर्ण हैं, लेकिन सामूहिकता के सिद्धांत के तहत उन्होंने अपने प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने का निर्णय लिया है।
महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र प्रकाश मिश्र ने कहा कि निर्णय को आए हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र अथवा राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि शीघ्र ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो महासंघ आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगा।
इस अवसर पर विजय प्रताप सिंह, विवेक गुप्ता, सौरभ दीक्षित, विवेक वर्मा, वी.पी. सिंह, हरिशंकर, वेद प्रकाश श्रीवास्तव, अंजनी श्रीवास्तव, के.के. पाण्डेय, सुनीत वर्मा, अतुल दिवाकर, आशीष सिंह, मनोज वर्मा, नीरज श्रीवास्तव, राघवेंद्र मिश्रा, सरिता रस्तोगी, पारुल शुक्ला, शकील अहमद, विनोद वर्मा, पंकज श्रीवास्तव, विनय वर्मा, अजय सोनी, अनुपम रस्तोगी समेत अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
