Moradabad : पहचान छिपाकर करते हैं अधिकारियों और कर्मचारियों की शिकायत, गिरोहों की जांच करेगी समिति
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले में तैनात अधिकारियों के विरुद्ध शिकायतकर्ता अपनी पहचान सार्वजनिक किए बिना ही निजी, निराधार और व्यक्तिगत शिकायतें देकर अब दबाव नहीं बना सकेंगे।
जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बिना साक्ष्य, बिना नाम/पते के निजी, व्यक्तिगत तथा निराधार शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता/ गिरोहों की जांच करने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन गुलाब चंद्र के नेतृत्व में 3 अधिकारियों की जांच समिति गठित की है। इस समिति में अपर जिलाधिकारी प्रशासन के साथ ही पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) और उपाधीक्षक मुख्य डाकघर भी शामिल हैं। निर्देश दिया कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जिन डाकघरों में सीसीटीवी नहीं लगे हैं वहां डाक विभाग द्वारा तत्काल सीसीटीवी लगवाए जाएं।
जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति के अधिकारियों की सोमवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन के कार्यालय में बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि जिले में तैनात अधिकारियों के विरुद्ध निराधार और व्यक्तिगत शिकायतें करके उन पर अनुचित दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। जिससे अधिकारियों को शासकीय कार्य करने में कठिनाई हो रही है। ऐसे कार्य किसी संगठित गिरोह द्वारा करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए जांच समिति द्वारा ऐसे शिकायतकर्ताओं/गिरोहों को चिह्नित करके उनके कृत्यों की जांच होगी और दोषी पाए जाने पर गिरोह के लोगों के विरुद्ध एनएसए, गैंगस्टर और गुंडाएक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों से भी उन लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी जो लोग अधिकारी अथवा कर्मचारियों के विरुद्ध बिना नाम,पता लिखे फर्जी शिकायत करके दबाव बनाकर अनुचित मांग करते हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक अपराध शाखा सुभाष चंद्र गंगवार आदि मौजूद रहे।
डाकघरों से संदिग्धों की निकालेगी जानकारी, सीसीटीवी फुटेज भी बनेगा मददगार
जिले के शहर, कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित डाकघरों के माध्यम से पिछले तीन महीने में जो भी साधारण डाक से बिना नाम और पता के बल्क में केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अधिकारियों को संबोधित करते हुए डाक भेजी गई हैं। उन्हें भेजने वालों का नाम, पता और अन्य विवरण संबंधित डाकघर से प्राप्त किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी डाक जो दूसरे व्यक्ति का नाम और पता लिखकर भेज दी जाती हैं उन व्यक्तियों की पहचान सीसीटीवी से कराई जाएगी। डाकघरों के माध्यम से केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अधिकारियों एवं अन्य संस्थानों में बल्क में डाक रजिस्ट्री भेजने वाले व्यक्तियों का पहचान पत्र अथवा आधार कार्ड लेकर रिकॉर्ड व्यवस्थित होगा। रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के दौरान सहयोग न करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में डाकघर प्रबंधन द्वारा समिति को विशेष रूप से जानकारी देनी होगी।
