Bareilly : आरटीओ की वेबसाइट से 32,737 वाहनों के चालान होंगे निरस्त
बरेली, अमृत विचार। मंडल के 32 हजार से अधिक वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। वर्ष 2017 से 2021 तक उनके वाहनों पर किए गए ई-चालान स्वतः समाप्त माने जाएंगे। यानि जिन चालानों पर अदालतों में कार्रवाई लंबित थी या जो समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं, वे अब मान्य नहीं रहेंगे। परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह के आदेश के बाद परिवहन विभाग ऐसे सभी चालानों को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, टैक्स से जुड़े चालान इस राहत के दायरे से बाहर रहेंगे।
बता दें, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस हर महीने सैकड़ों की तादाद में वाहनों पर कमियां पाए जाने पर चालान करती है। प्रदेश सरकार ने दो साल पहले वर्ष 2017 से 21 तक के पांच सालों में वाहनों पर की गई चालान की कार्रवाई को लेकर वाहन स्वामियों को बड़ी सौगात दी थी। इन वाहनों के चालान माफ किए जाने के फैसले से वाहन स्वामियों में खुशी की लहर थी, लेकिन अभी भी बरेली मंडल के 32,737 चालान विभागीय वेबसाइट पर शो कर रहे हैं। इन पर करोड़ों रुपये का राजस्व बकाया दिख रहा है। इससे इन वाहन स्वामियों के सामने समस्या खड़ी हो गई थी। शासन ने फिर से पांच साल पुराने चालानों को निरस्त किए जाने के लिए आदेश जारी किए हैं। इससे ये सभी चालान स्वत: समाप्त हो जाएंगे। इस फैसले के साथ ही फिटनेस, परमिट, वाहन ट्रांसफर और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसी सेवाओं पर लगे अवरोध भी स्वत: हट जाएंगे। यानि पुराने ई-चालानों की वजह से वाहन मालिकों को इन सेवाओं में अड़चन नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि एक महीने के भीतर सभी चालानों की स्थिति पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी और जनता आसानी से ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपने वाहन और चालान का स्टेटस देख सकेगी।
बरेली के अधिक, पीलीभीत के सबसे कम चालान लंबित
परिवहन विभाग से जो आंकड़े मिले हैं, उसके मुताबिक 2017 से 2021 के बीच मंडल में बरेली जनपद में सर्वाधिक चालान 58140 हुए थे। दूसरे नंबर पर शाहजहांपुर में 48922 चालान हुए थे। बदायूं में 20361, पीलीभीत में 17094 हुए। निस्तारण की बात करें तो इनमें बरेली में 31509, बदायूं में 15549, पीलीभीत में 16647 और शाहजहांपुर में 48075 चालान विभिन्न माध्यमों से निस्तारित हुए। जबकि 32737 चालान पेडिंग चल रहे हैं। इनमें बरेली के 26631, बदायूं के 4812, पीलीभीत के 447 और शाहजहांपुर के 847 चालान लंबित हैं।
इन वाहनों पर लागू नहीं होगा यह आदेश
यह राहत टैक्स रिकवरी से जुड़े चालानों पर लागू नहीं होगी। यानि मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट के तहत बकाया टैक्स वाले मामलों पर कार्रवाई अलग से जारी रहेगी। इसी तरह, गंभीर दुर्घटनाओं, आईपीसी से जुड़े मामलों या शराब पीकर वाहन चलाने जैसे प्रकरण इस दायरे से बाहर रखे गए हैं। इन धाराओं में शामिल चालानों को खत्म नहीं किया जाएगा।
आरटीओ प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि शासन ने यह फैसला जनहित, पारदर्शिता और कानून के पालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 2017 से 2021 के बीच के 32 हजार से अधिक चालान विभागीय वेबसाइट पर शो हो रहे थे। इनको निरस्त किए जाने के आदेश दिए परिवहन आयुक्त की ओर से दिए गए हैं। जल्द ही सभी पुराने चालान निरस्त होंगे।
