बदायूं : गोकशी मामले का खुलासा कर चार आरोपी मुठभेड़ में पकड़े, एक को पैर में लगी गोली
सहसवान, अमृत विचार। पिछले दिनों से सहसवान कोतवाली क्षेत्र में गोकशी के मामले सामने आए हैं। 13 सितंबर को आनंदीपुर गांव के कुंआ और अगले दिन खेत में मिले गोवंशीय के अवशेष मिले थे। पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके गोकशों की तलाश कर रही थी।
मंगलवार रात पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी। वहीं एक सिपाही भी घायल हो गया। जिसके बाद तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा। उनके पास से तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और गोकशी के उपकरण बरामद हुए। आरोपियों को जेल भेजा गया है।
पुलिस मंगलवार रात गोकशों की तलाश कर रही थी। मुखबिर ने सूचना दी कि जुनैदपुर और खंदक के जंगल में गोकशी की जा सकती है। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ जंगल में पहुंचे। जहां दो बदमाशों ने पुलिस को देखते ही जान से मारने की नीयत से फायरिंग करनी शुरू कर दी। सिपाही नितिन बालियान घायल हो गए। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी। वह जमीन पर गिर गया। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। जिसने अपना नाम सहसवान के मोहल्ला कटरा निवासी बहारे आलम पुत्र रहीश अहमद बताया। उसके पास से तमंचा, कारतूस व गोवध करने के उपकरण मिले।
उसका साथी सहसवान के मोहल्ला नई बस्ती शहबाजपुर निवासी मोहम्मद शमशेर उर्फ समशीर पुत्र नन्हें खान फरार हो गया। पुलिस ने घायल गोकश और सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पकड़े गए गोकश पर पहले से गोवध अधिनियम समेत पांच मामले दर्ज हैं। इसके बाद पुलिस ने फरार हुए आरोपी मोहम्मद शमशेर को गोपालगंज से आनंदीपुर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस ने अज्ञात में दर्ज रिपोर्ट में दोनों गोकशों के नाम शामिल किए। उन्हें गोवंश उपलब्ध कराने वाले सहसवान क्षेत्र के गांव कैशो की मढ़ैया निवासी ओमेंद्र पुत्र पान सिंह, गांव फतनपुर टप्पा हवेली निवासी मनोज पुत्र सोरन सिंह को कांबिंग के दौरान बिसौली मार्ग पर गांव होतीपुर जाने वाले मार्ग से पकड़ा। यह दोनों आरोपी गोकशों को गोवंशीय उपलब्ध कराते थे। गोकश वध करके गोमांस बेचकर रुपये आपस में बांट लेते थे।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में यह रहे शामिल
गोकश और गोवंशीय उपलब्ध कराने के आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक के साथ निरीक्षक अपराध हरवीर सिंह, उपनिरीक्षक रामायण सिंह, यशपाल सिंह, राम लखन के अलावा सिपाही विजय कुंडू, नितिन बालियान, अर्जुन बालियान, शक्ति सिंह, कपिल गौतम व दानिश खान रहे।
