सूखे से निपटने के लिए भारत में इजराइल की इस टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल, तेल अवीव में सीखेगी इंडियन एक्सपर्ट्स की टीम
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में औद्यानिक क्षेत्र के विकास में सूखा जैसी विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए इजराइल की तर्ज पर विशेष रणनीति बनेगी। इसके लिए उद्यान विभाग से अधिकारियों का दल इजराइल के भ्रमण पर तकनीकी बारीकियों और क्लाइमेट के अध्ययन में जुटा है। 8 सितंबर को इजराइल गए संयुक्त निदेशक शाकभाजी डॉ. राजीव कुमार वर्मा, उपनिदेशक आलू कौशल कुमार नीरज व जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम नई तकनीकियों के अध्ययन कर रहे हैं।
क्योंकि बुंदेलखंड की तरह इजराइल भी सूखा क्षेत्र है और विपरीत परिस्थितियों में नई तकनीकी अपनाकर उद्यान के क्षेत्र में देश अग्रणी है। इसी तरह औद्यानिक फसलों की खेती, खाद, कम पानी से सिंचाई, कम लागत में अधिक उत्पादन, किसानों को प्रशिक्षण आदि से लाभान्वित किया जाएगा।
मिर्जापुर में होगी इजराइल के एवोकाडो फल की खेती
संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि मिर्जापुर में बड़े पैमाने पर इजराइल के एवोकाडो फल की खेती करने का लक्ष्य रखा है। एवोकाडो में न्यू्ट्रीसियस होने के कारण एक किग्रा फल 800 से 1200 रुपये में बिकता है। इसके पौधे इजराइल से मंगाएंगे। इसकी खेती की तकनीक का अध्ययन कर लिया है। 19 सितंबर को स्वदेश लौटकर रणनीति बनाएगा। इसके अलावा अन्य औद्यानिक फसलों की तकनीकी जानकारी हासिल की है। जो सूखा जैसी स्थिति से निपटने में कारगर साबित होगी।
