आवारा पशुओं का आतंक : 22 दिनों में 958 लोगों को कुत्तों ने बनाया निशाना
रामपुर, अमृत विचार। 1 से 22 सितंबर तक जिले में 958 लोगों को आवारा कुत्तों निशाना बना चुके हैं। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, सोमवार को दोपहर तक चार लोगों को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। टांडा, मसवासी, स्वार, शाहबाद, मिलक और शहर में इनका खौफ है।
नगर पालिकाएं आवारा कुत्ते पकड़वाने से कतरा रही हैं और इन्होंने लोगों का घरों से निकलना दुश्वार कर दिया है। गली मोहल्लों में कुत्तों के झुंड दिन-रात घूमते रहते हैं। सड़क किनारे बैठे कुत्ते बाइक पर झपट पड़ते हैं जिससे दुर्घटना का खतरा बन जाता है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि कुत्तों का बधियाकरण कराने और उनके पकड़वाने के लिए एक एजेंसी को 48 लाख में ठेका दिया गया है। जबकि अन्य नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
चीफ फार्मासिस्ट ललित मोहन ने बताया कि सितंबर माह में जिले में 22 सितंबर तक 958 लोगों ने कुत्तों ने काटा है। यह वह रिकार्ड जिला अस्पताल के रजिस्टरों में दर्ज है। बल्कि बहुत से लोग जो निजी अस्पतालों में रेबीज लगवा रहे हैं।
नोचकर मार डाला था बच्चा
टांडा में एक मदरसे के बच्चे को कुत्तों ने नोच-नोचकर मार डाला। मसवासी के मोहल्ला धीमरखेड़ा में घर के बाहर खेल रहे बच्चों पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था और चार बच्चों को नोच कर घायल कर दिया था। बच्चों का उपचार कराया गया।
