अब डाक मत-पत्र की गिनती मतगणना शुरू होने के समय नहीं बल्कि बाद में होगी : चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने चुनावों में डाक मत-पत्र (पीबी) और इलेक्ट्रानिक विधि से भेजे गए डाक मत-पत्रों (ईटीपाबी) की गिनती इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मतों की मतगणना के अंतिम दो दौर की गिनती से पहले पूरा कराने का निर्णय लिया है।

आयोग के इस निर्णय के अनुसार संबंधित मतगणना केंद्रों पर डाक मत-पत्रों की गणना पूरी होने के बाद ही ईवीएम और वीवीपीएसटी के अंतिम दो दौर की गिनती करायी जाएगी। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ऐसे मत-पत्रों की गिनती फिलहाल मतगणना के दिन सबसे पहले सुबह आठ बजे शुरू की जाती है और इलेक्ट्रानिक मतदान मशीनों (ईवीएम) के वोट और वीवीपीएटी की गिनती 8:30 बजे शुरू करायी जाती है। 

आयोग ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुचारु और सशक्त बनाने के लिए आयोग द्वारा उठाये गये कदमों का एक हिस्सा है। आयोग इससे पहले 29 और नयी पहलें कर चुका है। 

आयोग ने कहा कि मतगणना के दिन डाक मत-पत्रों की स्थिति से अलग ईवीएम के मतों की गिनती चलती रहती है और सामान्यत: डॉक मत-पत्रों की गिनती पहले पूरी हो जाती है। पर सिद्धांत रूप से इस बात की संभावना बनी रहती है कि ईवीएम की गिनती डाक मत-पत्र की गिनती से पहले खत्म हो जाए। 

आयोग ने कहा है कि उसने हाल में शारीरिक अक्षमता वाले व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) औरा 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं को घर से वोट करने की सुविधा दी है। इसके साथ ही अब डाक से प्राप्त होने वाले मत-पत्रों की संख्या की बढ़ रही है। 

आयोग ने कहा है कि मतगणना की प्रक्रिया में एकरूपता और पूरी स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए तय किया गया है कि अब ईवीएम और वीवीपीएटी की गिनती के आखिरी दो चक्र की गिनती तब शुरू की जाएगी जब डाक मत-पत्रों की गिनती पूरी हो चुकी होगी। 

आयोग ने चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन केंद्रों के लिए अधिक संख्या में डाक मत-पत्र प्राप्त हुए हों वहां उनकी गणना के लिए पर्याप्त गणनाकर्मी और मेज आदि की सुविधा की जाए। पिछले साल लोक सभा चुनावों की मतगणना से पहले कुछ विपक्षी दलों ने मतगणना, खास कर डाक मतपत्रों की गिनती में जिलाधिकारियों (जिला चुनाव अधिकारियों ) की भूमिका को मुद्दा बनाने का प्रयास किया था। 

तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चार जून, 2024 की मतगणना के एक दिन पहले कहा था कि डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले शुरू होगी, लेकिन 2019 से लागू नियमों के अनुसार, ईवीएम की गिनती में 30 मिनट से ज़्यादा की देरी नहीं होगी। उन्होंने कहा था कि सभी केंद्रों पर, डाक मतपत्रों की गिनती पहले शुरू होगी। 

उसके आधे घंटे बाद, ईवीएम की गिनती पहले शुरू होगी। ऐसा 2019 में हुआ था, 2022 के सभी विधानसभा चुनावों में हुआ था तथा दो जून, 2024 को अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधान सभा चुनावों की मतगणना में भी हुआ था। उन्होंने कहा था कि इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।

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