हाईकोर्ट: जीआईसी प्रवक्ता पद के लिए बीएड अनिवार्यता मामले की सुनवाई टली
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जीआईसी प्रवक्ता पद के लिए बीएड अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार 25 सितंबर 2025 को समयाभाव के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। याचिका में बताया गया है कि सरकारी इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता (पुरुष/महिला) पद पर नियुक्ति हेतु केवल स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक थी, लेकिन अचानक नियम बदलकर बीएड को अनिवार्य कर दिया गया, जिससे हजारों छात्रों के लिए संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई।
अतः याचियों की ओर से यह तर्क दिया गया कि यदि नियम को पूरी तरह वापस न लिया जाए, तो चयनित उम्मीदवारों को 2–3 वर्षों के भीतर बीएड डिग्री प्राप्त करने की अनुमति दी जाए, साथ ही 12 सितंबर 2025 को ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया था।
लालता प्रसाद व अन्य 33 की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह की एकलपीठ के समक्ष होनी थी। हालांकि 25 सितंबर को भोजनावकाश के बाद समय अभाव के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। अब संभावना जताई जा रही है कि इस मामले पर फैसला दशहरे की छुट्टियों के बाद ही आ सकेगा।
