मुख्तार अंसारी की मौत के बाद जेल में मोहतात हो गए थे आजम, जेल की कोठरी में नीबू का अचार बनाकर उससे खाते थे रोटी

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद इलाज कराने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल गए थे। हेल्थ चेकअप कराकर आजम खान सोमवार को रामपुर लौटे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जेल की छोटी सी कोठरी में नीबू के अचार से रोटी खा लिया करते थे। उन्होंने दिल्ली के एक उर्दू अखबार के संपादक द्वारा फेसबुक पर लिखी गई टिप्पणी का खंडन किया। 
 
सोमवार की अपराह्न करीब 3 बजे मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी जाते समय पूर्व मंत्री ने कहा कि करीब पांच साल तक वह जेल की छोटी सी कोठरी में रहे। ऐसे में बीमार होना तो लाजमी बात है। कहा कि, वह दिल्ली गए थे और चेकअप कराया है। पहले से बेहतर हूं। कहा कि, टीवी और अखबारों में  मुख्तार अंसारी की मौत की खबर आई। ऐसा कहा गया कि खाने में स्लो प्वाइजन दिया गया है। इस खबर से वह मोहतात (सीमित) हो गए और दोपहर में एक पतली रोटी और शाम को एक रोटी का टुकड़ा नीबू के अचार से खा लिया करते थे। 

संपादक की टिप्पणी की बाबत कहा कि उन्होंने इस तरह की बात नहीं कही है कहीं समझने में गलती हो गई है। बताया कि खाली वक्त में वह जेल में रहकर नीबू का अचार बना लिया करते थे जिससे वह रोटी खा लेते थे। कहा कि प्राथमिकता तो यह है कि उनकी सेहत ठीक हो। 

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव  के 8 अक्टूबर को  रामपुर आने की बाबत अपने चित परिचित अंदाज में कहा कि गरीब का गली में घर है और गली में बरसात का दो-ढाई फीट पानी भरा रहता है वह क्या कोई बड़ा आदमी भी आए तो मेरी इज्जत अफजाई होगी। बातचीत के दौरान आजम खां को रुक-रुक कर खांसी उठती रही।

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