बरेली बवाल की जांच के लिए सपा ने बनाई टीम, 4 अक्टूबर को करेगी बरेली का दौरा

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Edited By Amrit Vichar
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नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सांसद इकरा हसन समेत ये नेता जाएंगे बरेली

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के जिला बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल मामले में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को बरेली जाएगा। पार्टी ने 14 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें सांसद, पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री शामिल हैं। घटनाक्रम की जांच करने के अलावा वरिष्ठ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेगा। 

शुक्रवार को सपा ने बरेली घटनाक्रम की जांच के लिए एक 14 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल गठित किया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 26 सितंबर को लोग शांतिपूर्ण तरीके से डीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने निर्दोष लोगों पर बल प्रयोग किया। इस क्रम में 81 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। चारा बारातघर सील कर दिए और कई दुकानों को चिन्हित किया है। इन पर बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है। 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा का प्रतिनिधिमंडल घटना के पीड़ितों से मुलाकात करेगा। और इसकी विस्तृत जांच करके एक रिपोर्ट पार्टी कार्यालय को देगा। इसके अलावा स्थानीय पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा। 

नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में जाएगी टीम 

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद इकरा हसन, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सांसद मोहिबुल्लाह नदवी, सांसद नीरज मौर्य, पूर्व सांसद वीर पाल सिंह यादव, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, जिलाध्यक्ष शमीम खान सुल्तानी, शुभलेश यादव, भगवत शरण गंगवार आदि रहे। 

मौलाना की प्रदर्शन कॉल में बवाल

इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खाान ने 26 सितंबर को बरेली में प्रदर्शन का ऐलान किया था। जुमा की नमाज के बाद भीड़ सड़कों पर आई और पुलिस के साथ टकराव हो गया। पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में 10 एफआईआर दर्ज की और कहा कि पुलिस पर हमला करके शहर में अशांति फैलाने की सुनियोजित साजिच रची गई थी। इस प्रकरण में बरेली पुलिस-प्रशासन का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है और अब बुलडोजर की दहशत फैली है। 3000 से अधिक लोगों पर नामजद और अज्ञात मुकदमें दर्ज हैं।

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