आज शरद पूर्णिमा की रखी जाएगी खीर, 7 को भक्त स्नान व दान कर सकेंगे, सुबह 9:16 बजे तक रहेगी
कानपुर, अमृत विचार। शरद पूर्णिमा पर्व पर घरों में रखी जाने वाली पारंपरिक खीर सोमवार रात रखी जाएगी। 7 अक्टूबर को भक्त स्नान व दान कर सकेंगे। स्नान व दान के दिन पूर्णमा सुबह 9:16 बजे तक रहेगी। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर किया गया स्नान व दान बेहद फलदायी माना जाता है।
पर्व के बारे में ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि शरद पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा का व्रत करने से व्यक्ति को माता लक्ष्मी के साथ साथ भगवान विष्णु की भी कृपा मिलती है। इस दिन माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं। इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन रहने वाली है।
दरअसल, तिथि के घटने और बढ़ने के कारण ऐसा हुआ है। हालांकि, पूर्णिमा का व्रत और चन्द्रमा की किरणों में खीर 6 अक्टूबर सोमवार और स्नान दान 7 अक्टूबर मंगलवार को किया जाएगा। 6 अक्टूबर सोमवार को पूर्णिमा तिथि दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर प्रारंभ होकर 7 अक्टूबर मंगलवार को सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी।
शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों में खीर रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की खीर में चंद्रमा की किरणों से अमृत की बूंदें गिरती हैं। इससे वह खीर औषधीय गुणों वाला हो जाती है। उस खीर को खाने से व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ होता है।
हिंदू मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृत समान होती हैं। ये किरणें मन को शांति देती हैं और शरीर को ताजगी व ऊर्जा से भर देती हैं। इस दिन चंद्र देवता, माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। खीर में चंद्रमा की अमृत किरणें पड़ने से वह विशेष स्वास्थ्यवर्धक और सौभाग्यवर्धक बन जाती है।
