कानपुर : खत्म हुई अखिल कुमार की पारी, अब रघुवीर लाल की बारी...
एक साल नौ महीने के अपने कार्यकाल में बेहद चर्चित रहे पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार, ऑपरेशन त्रिनेत्र, दिव्यदृष्टि और महाकाल के जरिये अपराध जगत पर ज़बरदस्त प्रहार किया
कानपुर। आखिरकार पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार रिलीव कर दिए गए और अब इस कुर्सी पर बैठेंगे 1997 बैच के आईपीएस रघुवीर लाल। अब देखना है कि यहां उनके तेवर कैसे रहेंगे और उनकी कार्यशैली क्या होगी। अखिल कुमार जनवरी 2024 में कानपुर आए थे और यहां अपने आक्रामक कामकाज के तरीके से चर्चा में रहे। दो-तीन महीने शहर का मिज़ाज जांचा, फीडबैक लिया और फिर फार्म में आ गए।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के जरिये एक लाख 15 हज़ार से अधिक सीसीटीवी कैमरों का जाल पूरे शहर में फैलाया और इसमें कई चोर-लुटेरे, शोहदे और बदमाश फंसे, जिन्हें सलाखों के पीछे धकेल दिया गया। कई शातिर और माफिया चपेट में आए। पवित्र पेशे की आड़ में बेईमानी और उगाही करने वाले दबोचे गए। ऑपरेशन दिव्यदृष्टि के जरिये हिस्ट्रीशीटरों की हर गतिविधियों पर नज़र रक्खी जा रही है।
ऑपरेशन महाकाल ने तहलका मचा दिया और न जाने कितने माफिया अंदर कर दिए गए। कई जिलाबदर कर दिए गए तो कई गुंडे घोषित कर दिए गए। अभियानों के चलते कई सिंडीकेट टूटे तो कई सफेदपोश घबरा गए। इस बीच अखिल कुमार को डिजिटल इंडिया का एमडी बना दिया गया, मगर रिलीव तीन महीने बाद अब किया गया है। हर कोई अपनी दृष्टि से उनके कार्यकाल का मूल्यांकन कर रहा है।
नए कमिश्नर की तलाश शुरू हुई और शासन स्तर पर खूब मंथन के बाद रघुवीर लाल का नाम फ़ाइनल हुआ। वह मंगलवार को चार्ज ले सकते हैं। अब देखना है कि सूबे के सबसे बड़े ज़िले कानपुर में उनकी पारी कैसी रहती है। बदमाशों के खिलाफ आक्रामक अभियान देख चुके कानपुरवासियों को उनके रुख और कार्यशैली पर नज़र रहेगी।
जानिए नए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल को...
रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) के रघुवीर लाल आगरा, अलीगढ़, मेरठ, गाज़ियाबाद के एसएसपी रह चुके हैं और मुजफ्फरपुर में दंगों से निपटने के लिए खासतौर पर इन्हें वहां भेजा गया था। मायावती शासन के दौरान सृजित एसएसपी (कानून -व्यवस्था) पद पर इन्हें सबसे पहले तैनात किया गया था। वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव (सुरक्षा) रहे और लौटने पर उन्हें लखनऊ में अपर महानिदेशक (सुरक्षा) बनाया गया था। वहां से अब उन्हें कानपुर में पुलिस कमिश्नर बना कर भेजा गया है।
सख्त तेवर और जुनूनी
राघवीर लाल सख्त तेवर के अधिकारी माने जाते हैं। उन्हें काम करने का जूनून है। बताया गया कि वह कई बार तो थानेदारों के साथ अपराधियों के ठिकानों पर दबिश देने पहुंच जाते थे। उन्हें विशिष्ट सेवा और राष्ट्रपति पदक से नवाज़ा जा चुका है।
