मिशन शक्ति : जबलपुर से भटक कर गोंडा के महिला थाने पहुंची युवती, पुलिस ने दिया सहारा

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Edited By Amrit Vichar
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गोंडा, अमृत विचार। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से भटककर एक युवती रविवार को महिला थाने पहुंच गयी। उसने पुलिस को आपबीती बताई तो पुलिस ने उसे सहारा दिया और तत्काल एक्शन लेते हुए उसके बताए पते की जानकारी हासिल की। इसके बाद जबलपुर पुलिस से संपर्क किया गया तो पुलिस ने भी युवती के गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की‌ और शीघ्र गोंडा पहुंचने की बात कही। फिलहाल युवती को महिला थाने पर रखा गया है।

रविवार को महिला थाने के परिवार परामर्श केंद्र पर विवाहित जोड़ों की काउंसलिंग चल रही थी। इसी दौरान एक युवती थाने की एसएचओ अनीता यादव के सामने पेश हुई। उसने अपना नाम आरती बताया और कहा कि वह मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की रहने वाली है। वह भटक कर गोंडा पहुंच गयी है। उसकी बात सुनने के बाद पुलिस ने उसका नाम पता नोट किया और उस पते से संबंधित थाने पर संपर्क किया।

इस दौरान पता चला कि थाने पर युवती के गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज है। जबलपुर पुलिस ने युवती को थाने पर रोकने का आग्रह किया और बताया कि वह जल्द ही गोंडा पहुंच रही है‌। सच्चाई पता चलने पर प्रभारी निरीक्षक ने उसे सांत्वना दी और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि

युवती ने जब अपनी बात बताई तो तत्काल उसके बताए पते और संबंधित थाने पर संपर्क किया गया। थाने से उसके गायब होने की पुष्टि हुई है। युवती को थाने पर सुरक्षा में रखा गया है‌। जबलपुर पुलिस के आते ही युवती को उनके सुपुर्द किया जायेगा। उन्होने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा को लेकर जिले में अभियान चल रहा है‌। उन्हे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जा रही है और उन्हें जागरुक भी किया जा रहा है। 

परिवार परामर्श केंद्र पर आए 34 मामले

रविवार को महिला थाने पर स्थित परिवार परामर्श केंद्र पर विवाहित जोड़ों के मामले की सुनवाई हुई। परामर्श केंद्र के सदस्यों ने दंपतियों की बात को सुनकर उनकी काउंसलिंग की और समझा बुझाकर साथ रहने के लिए प्रेरित किया। सदस्यों को प्रयास से दो जोड़े साथ रहने को राजी हो गए, जबकि 12 जोड़ों ने आपसी विमर्श के आधार पर केस बंद करने पर सहमति जताई।

प्रभारी निरीक्षक अनीता यादव ने बताया कि परामर्श केंद्र पर कुल 34 मामले चिन्हित किए गए थे। सदस्यों के प्रयास से दो जोड़े साथ रहने को राजी हुए हैं। 12 ने केस बंद करने पर सहमति जताई है‌। अन्य को अगले सप्ताह फिर बुलाया गया है। इस दौरान यशोदानंदन त्रिपाठी, शशि भारती, गंगाधर शुक्ल, संतोष ओझा, उमा सिंह, महिला आरक्षी ज्योति समेत अन्य मौजूद रहे।

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