UP: सपा सांसद बर्क बोले-चुनाव आयोग का फैसला पर्दानशीं महिलाओं को वोटिंग से रोकने की कोशिश
संभल, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने चुनाव आयोग के हालिया फैसले पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा है कि आयोग की कार्यप्रणाली उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। आरोप लगाया कि कुछ कदम ऐसे हैं जो पर्दानशीं मुस्लिम महिलाओं को मतदान से वंचित करने की दिशा में उठाए जाते दिख रहे हैं।
पत्रकारों से बातचीत में सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि आयोग के कुछ हालिया कदम विशेष वर्ग को निशाना बनाने वाले प्रतीत होते हैं। सभी नागरिकों को मतदान का समान अधिकार है। यदि कोई नियम बनता है तो वह सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए, किसी खास वर्ग की महिलाओं या पुरुषों पर नहीं। बर्क ने कहा कि चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करता है। यदि उसके फैसलों से ही लोगों को वोट डालने से रोका जाएगा, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांत के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में जहां बड़ी संख्या में महिलाएं पर्दानशीं हैं, वहां मतदान के दौरान चेकिंग के नाम पर उन्हें प्रताड़ित करना या रोकना अनुचित है। सवाल उठाया कि चुनाव आयोग पूरे वर्ष कार्य करता है, फिर एसआईआर जैसी प्रक्रिया की विशेष आवश्यकता क्यों पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को इससे जोड़ने का निर्देश देकर राहत दी है, परंतु आयोग का रवैया अभी भी संदेह पैदा करता है।
सांसद बर्क ने कहा कि आयोग ने घोषणा की है कि एसआईआर पूरे देश में लागू होगा और यह प्रक्रिया चुनावों के दौरान भी जारी रहेगी। यदि इतनी बड़ी संख्या में पार्टियां इस फैसले के विरोध में हैं, तो निश्चित रूप से मामला गंभीर है। सांसद बर्क ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया का उद्देश्य केवल विपक्षी दलों को कमजोर करना और उनके समर्थकों के वोट काटना है। उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा है और यदि इसे नहीं रोका गया तो जनता का भरोसा चुनाव आयोग से उठ जाएगा।
