अयोध्या : दलित-मुस्लिम पर 'पेड़ कटाई' के आरोप में FIR दर्ज, भाजपा विधायक ने किया विरोध, कार्रवाई को बताया "एकतरफा और अन्यायपूर्ण"
अयोध्या। रुदौली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रामचंद्र यादव ने, एक पेड़ काटे जाने के मामले में चार दलित और दो मुस्लिम युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का विरोध करते हुए इसे "एकतरफा और अन्यायपूर्ण" बताया।
प्राथमिकी के फैसले पर विरोध जताते हुए विधायक यादव ने रुदौली तहसील स्थित नगर पंचायत कार्यालय के सामने बुधवार को धरना दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने प्राथमिकी वापस लेने और "गैरजिम्मेदार अधिकारियों" पर कार्रवाई की मांग की।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी निखिलेश मिश्रा के अनुसार, मामला पांच अक्टूबर को बाबा बाजार पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। मिश्रा ने यह प्राथमिकी झलकारी बाई की 22 नवंबर को मनाई जाने वाली जयंती की तैयारियों के तहत परिसर की सफाई के दौरान एक पेड़ काटे जाने की घटना को लेकर दर्ज कराई थी।
इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की संभावना है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि प्राथमिकी जानबूझकर कोरी समुदाय के लोगों पर की गई, जबकि घटना सामान्य प्रशासनिक कार्यवाही के तहत हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक रामचंद्र यादव और भाजपा के वरिष्ठ दलित नेता राधेश्याम त्यागी पहले ही इस विषय में मुख्यमंत्री को अवगत करा चुके थे।
विधायक रामचंद्र यादव ने कहा, “हमने पहले ही मुख्यमंत्री को स्थिति की जानकारी दी थी, फिर भी प्राथमिकी दर्ज की गई। यह कोरी समाज के प्रति अन्याय है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो हम दोबारा आंदोलन करेंगे।” विरोध के बीच पुलिस क्षेत्राधिकारी आशीष निगम ने धरना स्थल पहुंचकर विधायक से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस आश्वासन के बाद विधायक ने धरना स्थगित कर दिया।
बाबा बाजार थाना प्रभारी शैलेन्द्र कुमार आजाद के अनुसार, लकड़ी चोरी के आरोप में निशु अहमद, आबिद अब्दुल, लाल बहादुर, रामरूप, सियाराम और नवमी लाल नामक छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल जांच जारी है। इस बीच, विधायक की शिकायत के बाद अयोध्या के जिलाधिकारी नितीश कुमार फुंडे ने रुदौली के उपजिलाधिकारी विकासधर दुबे का तबादला कर उन्हें सोहावल तहसील भेज दिया है।
