India On Pakistan: भारत की पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को कड़ी फटकार, 'अपनी असफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना पाक की पुरानी आदत'

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की टिप्पणियों पर तीखी आपत्ति जताई है, उन्होंने दावा किया था कि तालिबान भारत के समर्थन से पाक के विरुद्ध गुप्त संघर्ष चला रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 अक्टूबर 2025 को अपनी नियमित मीडिया ब्रीफिंग में दावों को आधारहीन और हास्यास्पद करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया। जायसवाल ने टिप्पणी की कि पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही प्रवृत्ति है कि वह अपनी घरेलू असफलताओं का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ता है। आतंकवाद को संरक्षण देना और इसे सियासी औजार बनाने की रणनीति पाकिस्तान की स्थापित नीति रही है।

जायसवाल ने जोर देकर कहा कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, भौगोलिक अखंडता और स्वाधीनता का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि भारत अफगान-पाक सीमा पर चल रहे तनाव की बारीकी से निगरानी कर रहा है। हम हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं। अफगानिस्तान को अपने क्षेत्रों पर पूर्ण अधिकार है, और पाकिस्तान को यह समझना होगा कि हर मुश्किल का हल आरोप-प्रत्यारोप से नहीं निकलता। यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में आई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 48 घंटे का संघर्षविराम प्रभावी है, जो सीमाई झड़पों और पाकिस्तानी वायुसेना की कार्रवाइयों के बाद लागू हुआ, जिसमें कई सैनिकों और आम नागरिकों की जान गई।

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को आतंकवाद का सुरक्षित ठिकाना बताया

मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में पाकिस्तान पर आतंक को प्रोत्साहन देने के पुराने आरोपों को दोहराया गया। इसमें कहा गया कि पाकिस्तान लंबे अर्से से आतंकी गुटों को शरण देता रहा है, और उसकी सरजमीं से भारत समेत आसपास के देशों पर कई हमले हुए हैं। अब जब वह खुद आतंक की मार झेल रहा है, तो जिम्मेदारी दूसरों पर थोपना उसकी घिसी-पिटी रणनीति है। भारत ने यह भी चेतावनी दी कि अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान का दखल और वहां की हवाई कार्रवाइयां इलाकाई शांति के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रही हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग का हामी है तथा किसी भी तरह की हिंसा का विरोध करता है।

पाकिस्तान के दावे और भारत का जवाब

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को जियो टीवी को साक्षात्कार में आरोप लगाया था कि अफगान तालिबान अब भारत के इशारे पर पाकिस्तान के खिलाफ छिपकर लड़ाई लड़ रहा है, और उसके फैसले दिल्ली से निर्देशित हो रहे हैं। उन्होंने 48 घंटे के युद्धविराम की मजबूती पर भी शक जताया, क्योंकि काबुल अब दिल्ली का कठपुतली बन गया है। भारत ने इन टिप्पणियों को राजनयिक रूप से गैर-जिम्मेदाराना ठहराया और कहा कि पाकिस्तान को पहले अपनी जमीन पर फल-फूल रहे आतंकी नेटवर्क पर लगाम लगानी चाहिए, बजाय अफवाहें उड़ाने के।

भारत-अफगानिस्तान संबंधों में सुधार की झलक

भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते पिछले कुछ महीनों में धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। हालांकि भारत ने तालिबान सरकार को अभी आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन मानवीय मदद और विकास कार्यों के जरिए संबंधों को मजबूत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। रणधीर जायसवाल ने खुलासा किया कि काबुल में भारत का तकनीकी दल अब दूतावास में बदल रहा है, और यह बदलाव आने वाले दिनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत अफगान लोगों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवीय सहायता के क्षेत्रों में सहयोग बनाए रखेगा।

 

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