धरे रह गए इंतजाम, हर तरफ जाम ही जाम... 15 मिनट का रास्ता तय करने में लग गए डेढ़ से दो घंटे
3.50 लाख से अधिक वाहन सामान्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर उतरे
लखनऊ, अमृत विचार: उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने करीब 15 दिन पहले आला अधिकारियों के साथ बैठक कर दीपोत्सव पर बाजार में जाम से निपटने के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। बड़े अधिकारियों ने भी बैठकों में अधिकारियों को जाम से निजात के ठोस कदम उठाने के लिए कहा था, लेकिन प्रशासन के सारे इंतजाम धरे रहे गए। धनतेरस के एक दिन पहले ही शहर के साथ ही उपनगरों भी भीषण जाम लगा। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। 15 मिनट की दूरी का सफर तय करने में डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया।
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शहर में शुक्रवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा साढ़े तीन लाख अधिक वाहन सड़क पर उतरे। इससे सुबह 10 बजे से ही बाजारों के रूट पर ट्रैफिक रेंगने लगा। इसके अलावा आसपास के जिलों से खरीदारी को आए लोगों के करीब दो लाख वाहन बढ़ने से जाम की समस्या विकराल हो गई। चौक, मेडिकल कॉलेज, चारबाग, नाका हिंडोला, कैसरबाग, हजरतगंज, अमीनाबाद, पॉलिटेक्निक, आलमबाग, ऐशबाग, चिनहट बाजार, भूतनाथ व पत्रकारपुरम जैसे प्रमुख बाजारों के आसपास के सभी मार्गो पर वाहनों का ऐसा रैला लगा कि स्थिति बद से बदतर हो गयी। इस दौरान वीवीआईपी मूवमेंट के कारण भी कुछ देर के लिए वाहन ठप हो गए। दोपहर करीब दो बजे से रात तक ट्रैफिक रेंगता रहा।
ड़क पर आड़ी-तिरछी बस, ई-रिक्शा रोककर सवारियों को बैठाने के कारण अयोध्या रोड व कमता तिराहे पर जाम की स्थिति और गंभीर कर दी। मुख्य मार्ग के साथ ही सर्विस लेन पर भी वाहनों की कतारें लग गयी। ट्रैफिक कर्मियों और पुलिस सड़कों पर जाम खत्म कराने के लिए पसीने बहाते दिखी।
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पुराने शहर में जाम से फंसी एम्बुलेंस
त्योहार शुरू होने से पहले ही शहर के प्रमुख इलाकों में जाम लग गया। चौक, इमामबाड़ा से लेकर डालीगंज पुल तक वाहन रेंगते रहे। देर शाम को हालात और भी खराब हो गए, जब गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई। इमामबाड़ा के पास कई एम्बुलेंस जाम में फंसी दिखीं, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हुई। यह स्थिति साफ तौर पर दिखाती है कि ट्रैफिक पुलिस ने त्योहार के लिए कोई तैयारी नहीं की थी। शुक्रवार को कई वीवीआइपी कार्यक्रम होने के बावजूद ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी नहीं दी गई।
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ट्रैफिक पुलिस ने नहीं किए थे कोई भी इंतजाम
कई बाजारों में तो ट्रैफिक व्यवस्था के कोई भी इंतजाम नहीं थे। लोगों ने सड़कों पर गाड़ियां खड़ी कर दी। जिसके चलते जाम की स्थिति बनी लेकिन इन वाहनों को हटवाने के लिए कोई भी पुलिसकर्मी नहीं आया। इसके साथ ही सड़क पर लगे स्ट्रीट फूड के ठेलों से मार्ग और भी संकरा हो गया, जिससे वाहनों को गुजरने में खासी दिक्कत हुई।
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तोड़ते रहे सिग्नल, थमे रहे वाहनों के पहिए
सड़कों पर यातायात का इतना दबाव था कि वाहन स्वामी जाम के चलते सिग्नल तोड़ते रहे। रांग साइड से रास्ता पकड़ने के चलते मुख्य मार्ग के साथ ही गलियां तक वाहनों से पट गयी। हजरतगंज, पत्रकारपुरम, हनीमैन चौराहे समेत मुख्य चौराहों पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम पर चलता रहा कि लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े न करें। इसके बाद भी लोग घर जाने की जल्दी में हर नियम को तोड़ते रहे।
वीवीआईपी कार्यक्रम के चलते कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका गया था। त्योहारी सीजन के कारण शहर में ट्रैफिक लोड बढ़ गया, जिसके कारण दिक्कत हुई है। भविष्य के लिए डायवर्जन लागू कर ज्यादा से ज्यादा पुलिसबल को तैनात कर दिया गया है। ताकि ट्रैफिक जाम की स्थिति न हो। ट्रैफिक पुलिस सभी प्रमुख चौराहों व बाजारों में तैनात है और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने का प्रयास कर रही है।
कमलेश दीक्षित, डीसीपी ट्रैफिक
