लखीमपुर खीरी : ट्रेन चलाने और ब्रॉडगेज लाइन की मांग को लेकर एकजुट हुआ तराई
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। मैलानी-नानपारा रूट पर ट्रेन संचालन शुरू कराने और बड़ी लाइन के निर्माण की मांग को लेकर पूरा तराई का इलाका अब एक जुट होने लगा है। पलिया में जहां करीब 12 दिनों से लोग क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। वहीं शनिवार को नया सवेरा गांजर विकास संगठन के साथ मझरा पूरब के ग्रामीणों ने रेलवे स्टेशन पर बैठक की और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है।
तराई इलाके को जोड़ने वाले मैलानी-नानपारा रेल प्रखंड पर करीब चार महीनों से ट्रेनों का संचालन ठप है। इससे रायबोझा से लेकर मैलानी तक के इस तराई के नेपाल बॉर्डर से जुड़े लोग ट्रेन के सस्ते और सुलभ साधन से वंचित हो गए हैं। उन्हें चार गुना अधिक किराया लगाकर बसों व अन्य वाहनों से आना-जाना पड़ता है। ट्रेन संचालन को पुन: चालू कराने और ब्रॉडगेज निर्माण की मांग को लेकर पलिया, भीरा, मैलानी, बेलरायां, तिकुनिया, मंझरा, खैरटिया, बिछिया समेत समूचे तराई के लोग एक जुट हो गए हैं। पलिया मे क्रमिक अनशन लगातार जारी है।
उधर नया सवेरा गांजर विकास संगठन भी बड़े दन आंदोलन की रणनीति बना रहा है। इसको लेकर गांव-गांव में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। शनिवार को मंझरा पूरब रेलवे स्टेशन पर ग्रामीणों की एक बैठक हुई। बैठक में ढकेरवा नानकर, पढुवा, तेलियर, बोझिया और पठाननपुरवा सहित आसपास के कई गांवों के लोग शामिल हुए।लोगों ने बताया कि लंबे समय से क्षेत्रवासियों को रेल और ब्रॉडगेज जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। बैठक में रामपाल यादव, राजू, जितेंद्र, सर्वेश, धर्मेंद्र, लक्ष्मण सिंह, अखिलेश सिंह, महेश गुप्ता, दयाशंकर मौर्य, पिंटू यादव, हसमत खान, पवन कुमार, विनय जायसवाल सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। बैठक में ग्रामीणों का उत्साह और सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की मांग अब जोर पकड़ रही है और ग्रामीण इसे पूरा कराने के लिए संगठित हो रहे हैं
