वृद्धा पेंशन में और पकड़े 700 अपात्र... समाज कल्याण विभाग ने संदिग्ध लगने पर की थी जांच, बैंक खातों से विवरण के जरिये होगी रिकवरी
लखनऊ, अमृत विचार : मोहनलालगंज की ग्राम पंचायत करोरा में 64 वृद्धा पेंशन के अपात्र मिलने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने जिलेभर में जांच करके और 700 संदिग्ध पेंशन पकड़े हैं। यह लोग आय प्रमाण पत्र और आधार कार्ड कूटरचित करके करके सालों से पेंशन पा रहे हैं। इन सभी के पेंशन से नाम काटने के साथ खातों में रोक लगा दी है।
दरअसल, एक शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश पर समाज कल्याण अधिकारी ने करोरा गांव में पेंशन लाभार्थियों की जांच की थी। जांच में 64 युवा आधार कार्ड में एडिटिंग उम्र कम दर्शाकर पेंशन पा रहे थे। इसी जांच के दौरान जिलेभर में 700 और ऐसे ही अपात्र पकड़े गए जिन्होंने आय कम व उम्र कम दिखाई है और फर्जी तरह से दस्तावेज लगाकर पेंशन पा रहे हैं।
हालांकि इन सभी के सूची व ऑनलाइन प्रक्रिया से नाम काट दिए गए हैं। साथ ही खातों में रोक लगा दी है। अब तक मिली धनराशि की वसूली करने के लिए बैंक व एनआईसी से स्टेंटमेंट मांगा है। अब सवाल जिम्मेदारों द्वारा वार्षिक और समय-समय पर पेंशन आने पर सत्यापन किस आधार पर किया गया है।
फर्जी सत्यापन पर सचिव को हटाया
जिलाधिकारी की फटकार के बाद ग्राम पंचायत करोरा में 64 पेंशन आपात्रों का सत्यापन करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी अंकित द्विवेदी को गोसाईंगंज ब्लॉक से हटाकर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच शुरू हो गई। यह मामला वर्ष 2023 से चल रहा है। तब से तैनात रहे तीन सचिवों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
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