लखनऊ : मंदिर में गिरे पानी को पेशाब बताकर बुजुर्ग से चटवाया, सीएम ने लिया संज्ञान,आरोपी गिरफ्तार
संवाददाता, काकोरी, अमृत विचार : काकोरी नगर पंचायत के शीतला माता मंदिर में एक दलित बुजुर्ग के हाथ से पानी का लोटा छूट गया। आरोप है कि मंदिर समिति से संबद्ध स्वामीकांत उर्फ पम्मू गुप्ता ने उस पर पेशाब करने का आरोप लगाया। इंकार पर गालियां दी, मंदिर की धुलाई कराई और पानी को पेशाब बताकर उसे जबरन चटवाया। पुलिस ने आरोपी स्वामीकांत को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया। जिसके बाद बुधवार सुबह भाजपा का प्रतिनिधि मंडल पीड़ित से मिलने पहुंचा। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने पीड़ित का हालचाल लेते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
बुजुर्ग रामपाल ने बताया कि सोमवार शाम करीब सात बजे वह मंदिर परिसर में थे। पानी पीते समय हाथ से लोटा छूट गया। इस बीच उधर से गुजर रहे स्वामीकांत ने उनपर पेशाब करने का आरोप लगाया। पीड़ित ने आरोप से मना किया तो गाली-गलौज करने लगे। इंकार पर कहा कि अगर यह पेशाब नहीं है तो इसे चाट कर दिखाओ। रामपाल ने बताया कि धमकाकर इस कदर दबाव बनाया कि उन्हें सच्चाई साबित करने के लिए फर्श पर पड़ा पानी उंगली से चाटना पड़ा। इस पर भी स्वामीकांत शांत नहीं हुए। उन्होंने मंदिर परिसर की धुलाई कराई। धमकी दी और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर भगा दिया। रामपाल ने बताया कि उन्होंने थाने पहुंचकर तहरीर दी। एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
बुधवार सुबह बुजुर्ग से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर, मलिहाबाद विधायक जय देवी और मोहनलालगंज विधायक अमरीश रावत सहित कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता पहुंचे। बुजुर्ग रामपाल से मुलाकात में पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि जो भी हुआ गलत हुआ है। आरोपी को सजा मिलेगी उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हम हमेशा ही अन्याय के खिलाफ खड़े हैं। मामले में न्याय होगा। ऐसा व्यवहार किसी के साथ भी नहीं होना चाहिए। वहीं, सपा सांसद आरके चौधरी और भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष अजय गौतम समेत कई सामाजिक संगठन के लोग भी पीड़ित रामपाल के घर पहुंचे। उन्होंने रामपाल और उनके परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
आरोपी बोला साजिश के तहत फंसाया गया
स्वामीकांत ने पुलिस पूछताछ में अपने ऊपर लगे आरोप को गलत बताया। कहा कि रामपाल नशे में था और मंदिर परिसर में पेशाब कर रहा था। उसे टोंक दिया था। मंदिर परिसर की धुलाई कराना, पेशाब चटवाने की बात निराधार है। साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया है।
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