Bareilly: मां ने बेटे को जहर पिलाकर खुद खाया सल्फास...दोनों की तड़प-तड़पकर मौत
बंडा, अमृत विचार। नरायनपुर गंगा गांव में मंगलवार की रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। पारिवारिक कलह के चलते एक महिला ने अपने नौ वर्षीय बेटे को जहर पिलाने के बाद खुद भी सल्फास खा लिया। इलाज के दौरान मां-बेटे दोनों की मौत हो गई।
गांव निवासी पंकज अग्निहोत्री की 32 वर्षीय पत्नी आरती मंगलवार की रात अपने बेटे प्रतीक उर्फ गोलू (10) और आठ वर्षीय भांजी सुष्मिता के बीच हो रहे खिलौनों के झगड़े को लेकर नाराज हो गईं। इस पर उसने दोनों बच्चों को डांटा और अपने पति से मायके जाने की बात कही। पति पंकज ने आरती को समझाया और थोड़ी देर बाद रामलीला मेला देखने के लिए बंडा चला गया।
गुस्से में आरती ने सल्फास की पुड़िया फाड़कर पहले अपने बेटे प्रतीक को ग्लूकोज बताकर पिला दिया और उसके बाद खुद भी जहर खा लिया। रात करीब ग्यारह बजे जब पंकज घर लौटा, तो उसने अपनी पत्नी और बेटे को फर्श पर बेसुध हालत में पड़ा देखा। वह तुरंत दोनों को लेकर बंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचा, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बुधवार सुबह इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पंकज ने घटना की जानकारी बंडा पुलिस को दी।
सूचना पर पुलिस ने आरती के मायके गांव चैना, थाना शाहाबाद, जिला हरदोई में खबर भेजी। मृतका का बड़ा भाई रमाशंकर, बड़ी बहन शशि और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। वहीं छोटे भाई दयाशंकर ने पति पंकज के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ पुवायां प्रवीण मलिक और एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे मौके पर पहुंचीं। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। साथ ही पंकज की भांजी सुष्मिता को अलग बुलाकर बयान दर्ज किए।
मृतक प्रतीक गुरु तेग बहादुर स्कूल की दूसरी कक्षा में पढ़ता था। पिता पंकज उसे डॉक्टर बनाने का सपना देख रहा था। पत्नी आरती की सलाह पर ही उसने अपनी बहन की बेटी सुष्मिता को गोद लिया था, जिसकी परवरिश वह खुद करता था। कई सालों से खुशहाल जीवन जी रहे इस परिवार पर अचानक आई इस त्रासदी ने सबको तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा छाया हुआ है।
