Chhath Mahaparva 2025 : छठ पर्व को लेकर लखनऊ नगर निगम की तेज तैयारी, नगर आयुक्त ने प्रमुख घाटों का किया औचक निरीक्षण

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। छठ पर्व को लेकर लखनऊ नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने शहर के प्रमुख घाटों लक्ष्मण मेला घाट, झूलेलाल वाटिका घाट, संझिया घाट और कुड़िया घाट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम के चीफ इंजीनियर (आरआर), संबंधित जोनल अधिकारी, अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, वेस्ट मैनेजमेंट और सौंदर्यीकरण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों पर बैरिकेडिंग, पेड़ों की छंटाई, घास की कटिंग और मार्ग प्रकाश का कार्य समय पर पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

आयुक्त ने कहा कि छठ पर्व के दौरान घाटों की स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। उन्होंने निर्देश दिए कि गोमती नदी में गिरने वाले नालों पर जाल लगाकर कूड़ा रोका जाए और फ्लोटिंग कचरे को हटाने के लिए नावों पर श्रमिकों की तैनाती की जाए। उन्होंने घाटों पर पर्याप्त रोशनी, साफ डस्टबिन, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

साथ ही, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। राजस्व और सफाई विभाग को निर्देशित किया गया कि अतिरिक्त सफाई कर्मियों, विशेष वाहनों और आपात प्रतिक्रिया दल की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही सीएनडी वेस्ट (निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट) के निस्तारण और पुनर्चक्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे गोमती नदी में मूर्तियां या पूजन सामग्री न प्रवाहित करें। उन्होंने कहा, " नदी को स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। मूर्तियों और कचरे के प्रवाह से जल प्रदूषण बढ़ता है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं।"

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, सूचनात्मक बोर्ड लगाए जाएं और नागरिकों को नदी संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाए। अंत में आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि नगर निगम लखनऊ का लक्ष्य है कि छठ पर्व स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल तरीके से सम्पन्न हो। उन्होंने सभी अधिकारियों को सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। 

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