लखीमपुर खीरी: दुष्कर्म के आरोपी को बचाने की कोशिश में इंस्पेक्टर-दीवान निलंबित
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। कुछ महीने पहले दर्ज हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी शिक्षक को बचाने के लिए रुपये मांगने के आरोप में सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर अपराध हरिप्रकाश और मालखाना प्रभारी दीवान सुधीर कुमार को एसपी ने निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। दीवान पर अपराधियों से सांठगांठ के भी लगातार कई गंभीर आरोप लग रहे थे।
करीब छह महीने पहले बेसिक शिक्षा विभाग की एक महिला शिक्षिका ने मितौली स्थित नवोदय विद्यालय के शिक्षक राजू सरोज पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण की जांच इंस्पेक्टर अपराध हरि प्रकाश और दीवान सुधीर कुमार कर रहे थे। जांच के दौरान महिला शिक्षिका ने शिकायत की कि दोनों पुलिसकर्मी आरोपी को दुष्कर्म की धारा से बचाने के बदले रुपये की मांग कर रहे थे।
शिक्षिका ने सीधे एसपी संकल्प शर्मा से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की और निष्पक्ष जांच की मांग की। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने स्तर पर जांच कराई। जांच में दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद एसपी ने इंस्पेक्टर अपराध हरि प्रकाश और दीवान सुधीर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को यदि भ्रष्टाचार या अपराधियों से मिलीभगत करते पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दीवान के मोबाइल नंबर की जांच से खुलेगा गठजोड़
सूत्रों ने बताया कि सदर कोतवाली में तैनाती के बाद से ही दीवान सुधीर कुमार पर अपराधियों से गठजोड़ और अनुशासनहीनता के आरोप लग रहे थे। बताते हैं कि अपराधियों की पैरवी करने और पूर्व शहर कोतवाल रहे हेमंत राय की मिलीभगत से दीवान सुधीर कुमार पर एफआईआर से लेकर मामलों के निस्तारण तक बड़े पैमाने पर खेल करने के आरोप लग रहे थे। पुलिस सूत्रों का दावा है कि यदि दीवान के मोबाइल नंबर की विभाग जांच करा लें तो खुद ही गठजोड़ का खुलासा हो जाएगा। दुष्कर्म के इस ताजा प्रकरण ने एक बार फिर पुलिस महकमे की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
