बदले-बदले से इरफ़ान नज़र आते हैं.... सतीश महाना, सांसद रमेश अवस्थी व महापौर से विधायक बेगम के साथ की भेंट
विशेष संवाददाता, कानपुर। बदलते ज़माने के बीच दीपावली के दौरान राजनीति के धुर विरोधी नेताओं का आत्मीय मिलन सियासी हलके में चर्चा का विषय बन गया है। हर कोई इसके मायने अपनी तरह से निकाल रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि जेल से रिहाई के बाद पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी काफ़ी बदले नज़र आ रहे हैं।
आत्मविश्वास से लबरेज सोलंकी अब सरकार और न ही भाजपा के खिलाफ आक्रामक हैं। वह इतना ज़रूर कहते हैं कि अब उनके घर से दो विधायक होंगे, लेकिन कौन, कहाँ से लड़ेगा, पत्ते नहीं खोलते। हां, उनके इस कथन से सपा की राजनीति ज़रूर गरमा गई है।
यह बात तो तय हो गई की सीसामऊ क्षेत्र में सोलंकी परिवार की तगड़ी पैठ है और शायद यही इरफ़ान की सियासी ताकत भी। वह रहते जाजमऊ में और उनके छावनी इलाके में भी पकड़ है। कुछ नेता सोलंकी के बयान को उनका बड़बोलापन भी बता रहे है। वह सपा मुखिया अखिलेश यादव से भी भेंट कर चुके हैं।
इस सबके बीच इरफ़ान अपनी बेगम नसीम के साथ सतीश महाना के घर गए और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। महाना ने नसीम के सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दिया। इसी तरह सोलंकी युगल सांसद रमेश अवस्थी, पूर्व सांसद सत्यदेव पचौरी से भी मिले और शुभकामनाएं दीं।
दोनों नेताओं ने उन्हें आशीष दिया और आत्मीयता जताई, मुंह मीठा कराया और ख़ुशी जताई। इसी के साथ सियासी चर्चा गरम हुई। हैरत यह कि सपा और भाजपा नेताओं का यूं मिलना। अमूमन एक दूसरे से दूरी ही रहती है। एक ज़माने में पक्ष-विपक्ष के नेता मिलते-जुलते थे,लेकिन इधर ऐसा कम देखने को मिलता था।
यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वक्त ने इरफ़ान को बदल दिया है। वह सत्ता से अब सीधे टकराव नहीं चाहते। वह फूंक-फूंक कर कदम इसलिए भी रख रहे कि अब कोई नया बखेड़ा न खड़ा हो जाए। इसी कारण भाजपा के स्थानीय कद्दावर नेताओं से मिलमिलाप रखना चाहते हैं। इस मुलाक़ात के सियासी मायने अपनी-अपनी तरह से पक्ष-विपक्ष के नेता निकाल रहे हैं। हालांकि वह इसे शिष्टाचार भेंट ही कहेंगे।
याद कीजिए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नसीम सोलंकी ने मौके पर पहुंच कर कुछ समय की मोहलत मेयर प्रमिला पांडे से मांगी थी, लेकिन उन्होने इंकार कर दिया था। अब मेयर उनसे बेहद आत्मीयता से मिली। खास बात यह कि नसीम ने भी चुनाव जीतने के बाद संयम बनाए रखा। सियासी बयानबाज़ी से किनारा कर अपने क्षेत्र की जनता के बीच पैठ बना रही हैं।
