गड्ढे, गिट्टी और कीचड़ की भरमार... परिक्रमा करने वालों के लिए आसान नहीं पुण्य प्राप्ति की राह लथपथ परिक्रमा मार्ग
लगी मशीनें व मजदूर, युद्ध स्तर पर चल रहा काम, तैयार किया जा रहा 14 कोसी परिक्रमा पथ
जनौरा से मोदहा तक का दृश्य, 29/30 अक्टूबर की रात शुरू होगी परिक्रमा
अयोध्या, अमृत विचार: परिक्रमा पथ पर मशीनों के साथ बड़ी संख्या में मजदूरों को उतार दिया गया। कहीं सड़क बराबर करने के लिए जेसीबी लगी तो दूसरे स्थान पर मजदूर पथ को काला करने के लिए गिट्टी डाल रहे हैं। 14 कोसी परिक्रमा 29/30 अक्टूबर की रात शुरू होगी। लाखों लोगों को इसी सड़क से पुण्य अर्जित करने के लिए नंगे पाव चलना है। बड़े अफसरों ने गुरुवार को ही दौरा किया। मॉनिटरिंग के लिए विभाग के अफसरों की आवाजाही है।
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अयोध्या के प्रसिद्ध 14 कोसी परिक्रमा में देश के कोने कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पिछले साल की परिक्रमा के समय से ही परिक्रमा पथ के चौड़ीकरण के साथ सुंदरीकरण किया जा रहा है। काम पूरा किए जाने का समय तो पूरा हो गया, लेकिन देखने से लगता है कि काम अभी पूरा नहीं है। मंडल और जिला प्रशासन के अफसर परिक्रमा को लेकर अगस्त महीने से ही निरीक्षण के साथ निर्देश दे रहे हैं। अब तक कई तारीखें बीत गईं, लेकिन यह चलने लायक तो नही बन पाया, लेकिन अब प्रयास है कि अगले चार दिन में इसे दुरुस्त कर दिया जाए। जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने अफसरों को निर्देश दिया कि जहां सड़क टूट फूट की स्थिति में है। उसे तुरंत ठीक कराया जाए। 29 तक इसे दुरुस्त किया जाना है।
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कहीं सड़कें हो रहीं काली तो कहीं पड़ी हैं गिट्टियां
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर जनौरा अंडर पास से मोदहा तक के सर्वे में कहीं जेसीबी से मिट्टी उठाई जा रही थी। तो कहीं मजदूर सड़क काली कर रहे थे। नाली-नाले का गंदा पानी था। कुछ स्थानों पर तो अभी कीचड़ और मिट्टी पड़ी थी। अधूरे डक्ट और सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति की लाइन समय से न हो पाना पथ के निर्माण की सबसे बड़ी बाधा बताई गई।
