बहराइच में जंगली जानवरों का आतंक, बाघ ने महिला को किया घायल...तो सियार के हमले में पांच ग्रामीण जख़्मी

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बहराइच। बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के धर्मपुर रेंज अंतर्गत हरखापुर गांव के तिरमुहानी में एक बाघ ने हमला कर एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं, बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज अंतर्गत नजदीक के दो गांवों में एक रैबीज संक्रमित सियार के हमले से पांच ग्रामीण घायल हो गए। बाद में स्थानीय लोगों ने सियार को पीट कर मार डाला। 

वन विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। ग्रामीणों के मुताबिक हरखापुर गांव निवासी कुरैशा बानो (40) गांव के बाहरी इलाके में मवेशियों का गोबर इकट्ठा कर रही थी, तभी झाड़ियों में छिपे एक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। मदद के लिए महिला चिल्लाई जिसे सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बाघ को भगाने के लिए शोर मचाया और पटाखे फोड़े। करीब एक घंटे तक ग्रामीणों के शोर व पटाखों का बाघ पर कोई असर नहीं हुआ और वह वहीं खेतों में घूम कर दहाड़ लगाता रहा। 

अंत में बाघ एक गन्ने के खेत से होता हुए जंगल की ओर निकल गया। इस दौरान परिजन घायल महिला कुरैशा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोतीपुर ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उन्नत उपचार के लिए बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उसके सिर और गर्दन पर गहरे घाव हैं। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) सूरज ने बाघ के हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता को प्रावधान के अनुसार तत्काल 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, महिला की हालत अब स्थिर है। 

उन्होंने बताया कि इलाके में बाघ की गतिविधियों पर अधिकारियों को सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इलाके में तीन टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, बाघ की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और ज़रूरत पड़ी तो उच्चाधिकारियों से निर्देश लेकर पिंजरे लगाए जाएंगे। डीएफओ ने निवासियों से सतर्क रहने और अकेले खेतों में जाने से बचने का आग्रह किया है। 

धर्मापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी दीपक मिश्र ने पत्रकारों से बताया कि बाघ के हमले के बाद तिरमुहानी इलाके के ग्रामीण नाराज थे। घटना के बाद टीम वहां गयी थी, लेकिन नाराज ग्रामीणों ने उन्हें वापस कर दिया। नाराजगी कम होने के बाद वन विभाग के लोगों ने वहां पहुंचकर ग्रामीणों को मानव वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपाय सुझाए हैं। बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज अंतर्गत नजदीक के दो गांवों में शुक्रवार को एक रैबीज संक्रमित सियार के हमले से पांच ग्रामीण घायल हो गए। बाद में स्थानीय लोगों ने सियार को पीट कर मार डाला। 

ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब छः बजे नानपारा वन रेंज अंतर्गत मोगरिया गांव में वन्यजीव ने तहसीलदार (65) पुत्र मेवालाल पर हमला कर उन्हें घायल किया। शुक्रवार दोपहर मसूद नगर बस्थानवा में खेत से चारा लेने गयी केसरानी देवी (55) पर हमला कर उसे घसीटने की कोशिश की, हमले से महिला के चेहरे पर चोट आयी हैं। ग्रामीणों ने लाठी डंडे से हमला कर उसे बचाया। 

महिला केसरानी देवी को बचाने के दौरान उनके देवर रामकरण वर्मा भी घायल हुए हैं। दोपहर में ही मंदिर के पास बैठे मोहनलाल (54) और अमेरिका प्रसाद (42) को भी सियार ने हमला कर घायल किया। रेंज आफिसर पीयूष गुप्ता ने संवाददाताओं से बताया कि हमलों की जानकारी मिलते ही टीमें लगाकर कांबिंग अभियान चलाया गया। कुछ घंटे की तलाश के बाद गन्ने के खेत की झाड़ियों में सियार का शव बरामद हुआ। 

पशु चिकित्सकों की टीम ने सियार का पोस्टमार्टम किया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सियार के रैबीज संक्रमित होने की पुष्टि हुई। प्रभागीय वनाधिकारी डा. राम सिंह यादव ने कहा कि सियार ने कुछ ग्रामीणों को काटा है, सभी को स्थानीय सरकारी अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन लगवाए गये हैं तथा उनका इलाज कराया गया है। स्थानीय लोगों ने सियार को मार भी दिया है।

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