काकोरी दुर्व्यवहार मामले में बुजुर्ग की पत्नी को सौंपी गई आर्थिक मदद, पीड़ित की बहू का वीडियो वायरल, निराधार बताए आरोप
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और समाज कल्याण अधिकारी ने की मुलाकात
लखनऊ/काकोरी, अमृत विचार: थाना क्षेत्र के शीतला माता मंदिर में दलित बुजुर्ग रामपाल रावत से हुए दुर्व्यवहार के मामले में शनिवार को पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने मुलाकात की। रामपाल द्वारा एससीएसटी एक्ट में दर्ज कराए गए केस में उनकी पत्नी को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद का स्वीकृति पत्र दिया। साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं, शनिवार को पीड़ित रामलाल की बहू ने मामले में नया मोड़ ला दिया। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वह कह रही है कि ससुर द्वारा स्वामीकांत पर पानी को पेशाब बताकर चटवाने का लगाया गया आरोप गलत है। स्वामीकांत को साजिश के तहत फंसाया गया है।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने पीड़ित परिवार को बताया कि एक लाख की आर्थिक मदद मिलती है। 25 हजार पीड़ित के खाते में शुक्रवार को आ चुके है जिसका स्वीकृति पत्र जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार के साथ पीड़ित की पत्नी को दिया गया। दर्ज एफआईआर में चार्जशीट लगने लगने के बाद 50 हजार रुपये मिलेंगे। शेष 25 हजार मामले में कोर्ट से निर्णय होने के बाद मिलेंगे। इस दौरान विधायक जय देवी कौशल, भाजपा जिला अध्यक्ष विजय मौर्य, नगर पंचायत अध्यक्ष रोहित साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष रवि राज लोधी मौजूद रहे।
पूर्व राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि राजनीतिक दलों का काम पीड़ित से मिलने का होता है। किसी को पीड़ित से मिलने से रोका नहीं जा सकता है। सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे मामले में क्या कानूनी कार्रवाई हुई, उसपर ध्यान दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आरोपी बीमारी के कारण पुलिस अभिरक्षा में है, जो एक तरह की जेल ही है। उन्होंने इस मामले को बेवजह तूल देने से बचने की सलाह दी।
वहीं, सांस्कृतिक गौरव संस्थान उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह (तिलन) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने एसीपी काकोरी शकील अहमद से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह बुजुर्ग रामपाल से पानी गिरने का मामला था। जिसे साजिश करके मामले को तूल दिया गया। स्वामीकांत उर्फ पम्मू व्यापारी परिवार से जुड़े हुए है। जिनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
