करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जाकर बना दी कालोनी, गोमतीनगर थाने में लेखपाल ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
पुलिस ने कराया दो बार जमानत याचिका खारिज, तलाश में दबिश
लखनऊ, अमृत विचार: भूमाफिया दिलीप सिंह बाफिला का करीबी रहा ठाकुर सिंह मनराल सरकारी भूखंडों पर कब्जा करने के में माहिर है। टीएस मनराल ने गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर व भरवारा में स्थित करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया। आवासीय कालोनी का ले आउट पास कराकर बेच दिया। इस मामले में लेखपाल महराजदीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, गाजियाबाद के कारोबारी से करोड़ों रुपये ठगने की रिपोर्ट दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने जमानत याचिका दायर की। पुलिस की प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी की जमानत याचिका दो बार खारिज हो चुकी है। आरोपी के खिलाफ साक्ष्य संकलन तेजी से किया जा रहा है। ताकि उसे गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस के मुताबिक टीएस मनराल के खिलाफ गोमतीनगर थाने में दर्जन भर मामले दर्ज हैं।
गोमतीनगर विस्तार इलाके के लेखपाल महराजदीन ने 2016 में गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था। यह रिपोर्ट विभागीय जांच के बाद दर्ज कराई गई थी। जांच में सामने आया कि विकासखंड-4 निवासी ठाकुर सिंह मनराल ने गंगोत्री विहार सहकारी आवास समिति लि. लखनऊ और कौशलपुरी सहकारी आवास समिति बनाई। इसके माध्यम से ठगी करते थे। टीएस मनराल ने भरवारा में करीब 20 हजार वर्गफीट सरकारी भूखंड को कब्जा कर लिया। इसे आवासीय कालोनी के ले-आउट में अपना बताते हुए बेच दिया। सरकार की इस भूखंड को सात टुकड़ों में करके रजिस्ट्री की गई थी। वर्तमान में इस भूखंड की कीमत करीब आठ से नौ करोड़ रुपये है।
दो समितियों के नाम से करता है फर्जीवाड़ा
ठाकुर सिंह मनराल ने भूखंडों को कब्जा करने व उनकी खरीदफरोख्त करने के लिए दो समितियां बनाई। गंगोत्री विहार सहकारी आवास समिति लि. लखनऊ में अध्यक्ष और कौशलपुरी सहकारी आवास समिति में सचिव है। इन समितियों के माध्यम से उसने अपना भूखंडों के खरीदफरोख्त के फर्जीवाड़े का साम्राज्य गोमतीनगर विस्तार से लेकर चिनहट तक फैला रखा है। उसने एक ही भूखंड की कई बार रजिस्ट्री की।
गाजियाबाद के शास्त्री नगर एसई-3 निवासी महेश कुमार सेठ के मुताबिक उन्होंने कौशलपुरी सहकारी आवास समिति लि. के कार्यालय गये। जहां समिति के सचिव ठाकुर सिंह मनराल (टीएस मनराल) से 24-24 सौ वर्गफुट के पांच भूखंड खरीदे। इसमें महेश के नाम से भूखंड संख्या-394 व 395, उनकी पत्नी रेखा सेठ के नाम से भूखंड संख्या-248 व 193 और बेटे मृदुल सेठ के नाम से भूखंड 247 खरीदा था। महेश सेठ के मुताबिक पांचों भूखंड की रजिस्ट्री 1996 व 1997 के बीच कराई। इस भूखंड पर उन्होंने चहारदीवारी भी बना दी थी। टीएस मनराल ने इस भूखंड को भी दूसरे को बेच दिया। पुलिस ने इस मामले में 2 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज किया था। टीएस मनराल राजधानी के चर्चित भूमाफिया दिलीप सिंह बाफिला गिरोह का सक्रिय सदस्य भी रहा है। उसके खिलाफ सरस्वतीपुरम के राजेश पांडेय ने भी एक ही भूखंड को उनके अलावा दूसरे को रजिस्ट्री कराने की रिपोर्ट गोमतीनगर थाने में दर्ज कराई है।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र तिवारी के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज है। वह काफी दिनों से फरार चल रहा है। पुलिस टीम बनाई गई है। जो लगातार दबिश दे रही है और साक्ष्य जुटा रही है। वहीं दो बार जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। पुलिस लगातार प्रयास कर रही है कि जालसाज प्रॉपर्टी डीलर को जमानत न मिले।
