Bareilly :सपा प्रवाक्ता राजकुमार भाटी बोले... बुलडोजर की कार्रवाई सबसे बड़ा अन्याय
बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने सोमवार को सिविल लाइंस स्थित सपा कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। भाटी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है और बुलडोजर की कार्रवाई भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा अन्याय है। इतना जुर्म न विदेशी आक्रमणकारियों ने और न ही अंग्रेजों ने किया था।
भाटी ने मेरठ के व्यापारियों पर निशाना साधते हुए कहा जब दलितों और मुसलमानों के घर गिराए जा रहे थे, तब ये व्यापारी ताली बजा रहे थे। आज जब उनकी दुकानें टूटी तो वह रो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर में न दिमाग होता है और न ही आंखें। उसे कोई आदमी चलाता है और वह उसका स्टेयरिंग कहीं भी मोड़ सकता है, इसलिए अन्याय का विरोध हर नागरिक को करना चाहिए, चाहे अन्याय किसी के साथ भी हो रहा हो। भाजपा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भाजपा बिहार चुनाव में बुर्के की बात करती है तो इनकी नीयत पता चल जाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को सभी मतदाताओं के फोटो पोर्टल पर डालने चाहिए, लेकिन भाजपा इसके खिलाफ है। जिलाध्यक्ष शिव चरन कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खा सुल्तानी, रविन्द्र सिंह यादव, मुस्ताक अहमद, मनोहर पटेल, सुरेंद्र सोनकर, अशोक यादव, दीपक शर्मा, राजेश अग्रवाल, गजेंद्र कुर्मी, भारती चौहान, द्रोण कश्यप, बृजेश श्रीवास्त, सुभाष चंद्र गुर्जर मौजूद रहे।
सकार बनी तो आयोग बनाकर हर एनकाउंटर की कराएंगे जांच
एनकाउंटर पर कहा कि पिछले दिनों योगी सरकार ने एनकाउंटर के आंकड़े जारी किए थे उसे देखें तो यहां हर दिन औसतन तीन एनकाउंटर हो रहे हैं। इसका मतलब यह हुआ कि रोजाना तीन बदमाश पुलिस पर फायरिंग कर रहे हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि यूपी में पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। कहा कि हमारी सरकार आने पर एक आयोग बनाया जाएगा और सारे एनकाउंटर की जांच होगी।
सीएम के बयान ''''मैं डेंटिंग-पेंटिंग कर दूंगा'''' को बताया शर्मनाक
बरेली की घटना से जुड़े सवाल पर भाटी ने कहा कि जिन लोगों ने पत्थर फेंके, हम उनका समर्थन नहीं करते हैं। आंदोलन में हिंसा नहीं करनी चाहिए। पुलिस भी हमारी ही है, लेकिन मुख्यमंत्री ने जो भाषा बोली है, वह शर्मनाक है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मैं डेंटिंग-पेंटिंग कर दूंगा। यह किसी सभ्य लोकतंत्र में सभ्य नेता की भाषा नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री उस दिन क्यों नहीं बोले, जब आगरा में एक निर्वाचित सांसद के घर पथराव हो रहा था।
