Sambhal: 26 बीघा सरकारी जमीन को प्रशासन ने कराया कब्जा मुक्त
संभल, अमृत विचार। संभल में प्रशासन ने शहर की आबादी से सटी साढ़े छब्बीस बीघा सरकारी जमीन को बुलडोजर एक्शन कर कब्जा मुक्त कराने का काम किया है। 28 करोड़ रुपए से भी अधिक कीमत की इस जमीन पर लंबे समय से कब्जा कर खेती कराई जा रही थी।
संभल में सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराए जाने का प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इस अभियान के तहत सोमवार को तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने शहर में दुर्गा कॉलोनी प्रेम शंकर वाटिका के नजदीक सेंट मैरी स्कूल के पीछे साढ़े 26 बीघा सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करने का अभियान चलाया। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह आधा दर्जन लेखपालों व अन्य राजस्व कर्मचारियों के साथ बुलडोजर लेकर जमीन पर पहुंचे तो वहां प्याज समेत अन्य फसले बोई हुई नजर आईं।
एक परिवार जमीन पर ही कोठरी बना कर रह रहा था। तहसीलदार के निर्देश पर बुलडोजर ने जमीन के बाहर की बाढ़ को तोड़ दिया। साथ ही फसल को भी नष्ट कर दिया। तहसीलदार ने बताया कि यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकार के नाम पर दर्ज है। जबकि जांच में पता यह चला कि इस जमीन पर लंबे समय से कब्जा कर खेती कराई जा रही थी। अब जमीन को कब्जा मुक्त कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। जिलाधिकारी के स्तर से ही तय होगा की सरकारी जमीन का क्या उपयोग किया जाएगा।
हर साल ठेके पर उठाई जाती थी जमीन
जिस जमीन को तहसीलदार ने कब्जा मुक्त कराया उसे लेकर चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि एक व्यक्ति खुद को जमीन का मालिक बताकर हर साल जमीन को खेती के लिए ठेके पर उठाता था। वह किसी भी किसान परिवार से 1 साल खेती के लिए तैयार रकम लेता था। सभी लोगों को उसने यही बता रखा था की जमीन उसी की है। दरअसल इस जमीन के नजदीक कभी उसके पुरखों का ईंट भट्टा हुआ करता था। इसलिए लोगों को भी यकीन हो गया कि जमीन इसी व्यक्ति की है जो उसे ठेके पर उठाता है ।
फसल हुई नष्ट तो फूट-फूट कर रोई महिला
राजस्व प्रशासन की टीम ने सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए बुलडोजर से वहां बोई गई फसल को नष्ट कराया तो जमीन पर मौजूद वृद्धा फूट-फूट कर रोने लगी। उसने तहसीलदार को बताया कि आखिर उसकी क्या खता है जो उसकी फसल उजाड़ी जा रही है। वह तो जमीन के मालिक को हर साल खेती करने का पैसा चुकाती है। महिला का दर्द सुनाने के बाद तहसीलदार ने कहा कि जो फसल बच गई है उसे खुद उखाड़ ले और 15 दिन के अंदर यहां से अपना कब्जा पूरी तरह से हटा ले।
