नारी कैंसर सुरक्षा अभियान: सही उम्र में शादी और बच्चा कम करता है स्तन कैंसर का खतरा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। राधा माधव पब्लिक स्कूल में आयोजित स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में डा. अंकिता पांडेय ने छात्राओं को बताया कि सही उम्र में शादी और बच्चा स्तन कैंसर का खतरा कम करता है। स्तनपान न कराने से महिलाओं की नसें रुंध जाती हैं। इससे गांठ बनने और कैंसर होने का खतरा रहता है, इसलिए सही समय पर शादी और बच्चा होना दोनों जरूरी है। डा. अंकिता के मुताबिक, 30 साल तक की उम्र तक विवाह और 35 की उम्र तक बच्चे का जन्म हो जाना चाहिए। शिशु को छह माह तक स्तनपान जरूर कराना चाहिए।

डा. अंकिता पांडेय ने कहा कि यह भी देखा गया कि स्तन कैंसर आनुवांशिक वजह से भी होता है। करीब पांच से 10 फीसदी मामले इस तरह के होते हैं। विशेषकर उन महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए, जिनके परिवार में किसी को 40 वर्ष से कम उम्र में कैंसर हुआ हो। ऐसी महिलाओं को साल में एक बार अपनी जांच जरूरी करानी चाहिए। छात्राओं से कहा कि असामान्य बदलाव या लक्षण महसूस होने पर अगला कदम ये होना चाहिए कि ब्रेस्ट कैंसर का पता जल्दी और कम गंभीरता वाले स्टेज में ही लगा लिया जाए। इसके लिए जरूरत है तत्काल डॉक्टर से परामर्श लेने की। 

फिर जरूरत अनुसार मेमोग्राफी या अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचें कराने पर समय रहते ब्रेस्ट कैंसर का पता चल सकता है और इसके सही और सफल इलाज की संभावना बढ़ जाता है। अमृत विचार के सीओओ पार्थो कुनार ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते कैंसर के जोखिम को लेकर लोगों को जागरूक करने और बचाव के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से अक्टूबर का यह महीना कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में राधा माधव ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कूमर, सचिव प्रेम शंकर अग्रवाल, संरक्षक जुगल किशोर, वीरेंद्र स्वरूप अग्रवाल, राम प्रकाश अग्रवाल, विजय कुमार अग्रवाल, प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार मित्तल, उमा रानी, रोली अस्थाना के अलावा 150 छात्राएं शामिल हुईं।

हर माह ब्रेस्ट सेल्फ एनालिसिस के बताए उपाय

  • अपनी 3 मिडिल फिंगर निकालें और बगल और ब्रेस्ट एरिया में हल्का, मध्यम और फिर ज्यादा दबाव डाल कर किसी प्रकार के गांठ या बदलाव की जांच करें।

  • - शीशे के सामने खड़े हो जाएं। हाथों को सीधा रखें और अपने दोनों ब्रेस्ट को देख कर इनका परीक्षण करें। ब्रेस्ट की स्किन, निप्पल, रंग या बनावट में किसी प्रकार का बदलाव दिखे तो इसे गंभीरता से लें।

  • - निप्पल में डिपलिंग भी दिख सकती है, जिससे वे अंदर की तरफ घुसे हुए दिखते हैं। साथ ही ये भी नोट करें कि जो भी बदलाव हैं वो मात्र एक ब्रेस्ट में हैं या फिर दोनों में।

  • - सीधे लेट जाएं जिससे ब्रेस्ट टिश्यू एक बराबर चेस्ट एरिया में फैल जाए। निप्पल पर हल्के, मध्यम और तेज दबाव डाल चेक करें कि किसी प्रकार का डिस्चार्ज, पस या पानी न निकल रहा हो।

  • - सामान्य रूप से ब्रेस्ट को छूने पर गर्माहट लगे या फिर कहीं रेडनेस या काला पड़ा हुआ निशान जैसा दिखे तो भी डॉक्टर को सूचित करें।

  • - ब्रेस्ट पर बिना कारण लंबे समय तक खुजली होने पर भी इसे गंभीरता से लें।

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